
उत्तर प्रदेशफीचर्डलखनऊ
तीन तलाक कानून का समर्थन कर मुस्लिम महिलाओं ने किया शरीयत कानून का भी विरोध
मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक कानून का समर्थन कर इसे जल्द लागू करने के साथ ही शरीयत कानून का विरोध कर अपने (मुस्लिम महिलाओं) मामलों को भारतीय कानून के अनुसार विशेष कोर्ट बनाकर सुने जाने की मांग की है। उन्होंने महिलाओं के हित के लिए 11 सूत्रीय प्रस्ताव भी पेश किया है।
अयोध्या के तुलसी स्मारक में सोमवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले आयोजित किए गए पहले मुस्लिम महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में एकत्रित मुस्लिम महिलाओं ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण सहित तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं के हक से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की।

अयोध्या के तुलसी स्मारक में सोमवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले आयोजित किए गए पहले मुस्लिम महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में एकत्रित मुस्लिम महिलाओं ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण सहित तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं के हक से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की।
सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश ने कहा कि तलाक गुनाह है, कुरान शरीफ में तीन तलाक शब्द का जिक्र तक नहीं है। जब कुरान में नहीं है, तो जिसने भी तीन तलाक ईजाद किया वह खुदा या रसूल का नहीं हो सकता। तीन तलाक महागुनाह है। कुरान शरीफ में तलाक के लिए 90 दिन का रास्ता बनाया है, इतना कठिन रास्ता है कि आज तक किसी ने इस रास्ते से तलाक नहीं लिया। तलाक गुनाह है, यह खुदा को नापसंद है तो मौलवी इसे कैसे मानते हैं। मौलाना, इमाम, मौलवी गलत रास्ता बता रहे हैं। तलाक एक गुनाह था, और गुनाह रहेगा। वहीं, राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर था, जिसे तोड़ा गया। यह रामलला की संपत्ति है,जहां राममंदिर ही बनेगा।
कहा कि जो कथित मौलाना कुरान व हदीस को गलत व्याख्या कर तीन तलाक व औरतों के हक के मामले पर शरीयत के नाम पर कानून की अवहेलना करने की वकालत करते हैं ऐसे मौलानाओं की डिग्रियों की जांच की जानी चाहिए। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय सह संयोजिका शहनाज अफजाल ने कहा कि तीन तलाक जायज नहीं है। बहु विवाह जैसी प्रथा पर रोक लगना चाहिए।
सम्मेलन में पेश हुआ 11 सूत्री एजेंडा
मुस्लिम महिला सम्मेलन में 11 सूत्री एजेंडा पेश किया गया। जिसमें मुस्लिम महिलाओं के हिफाजत के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित सजा व मुआवजे का प्राविधान का समर्थन, बहु विवाह प्रथा पर पूर्णत: रोक, तालीम व तरक्की पर हर मुस्लिम महिला का हक, मुस्लिम महिलाओं को रोजगार, मदरसों में लड़कियों को दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता, कालीन उद्योग, बुनाई आदि को बाल श्रम कानून से मुक्त कर कौशल विकास से जोड़ने, मुस्लिम महिलाओं को कुरान के अनुसार आज के आधुनिक समय के अन्तर्गत पैतृक एवं पति की सम्पत्ति में पूरा हक देने, मेहर वर्तमान समय के अनुसार तय किए जाने व उनका खाता खोले जाने और उसमें जमा करने की मांग शामिल है।
मुस्लिम महिला सम्मेलन में 11 सूत्री एजेंडा पेश किया गया। जिसमें मुस्लिम महिलाओं के हिफाजत के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित सजा व मुआवजे का प्राविधान का समर्थन, बहु विवाह प्रथा पर पूर्णत: रोक, तालीम व तरक्की पर हर मुस्लिम महिला का हक, मुस्लिम महिलाओं को रोजगार, मदरसों में लड़कियों को दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता, कालीन उद्योग, बुनाई आदि को बाल श्रम कानून से मुक्त कर कौशल विकास से जोड़ने, मुस्लिम महिलाओं को कुरान के अनुसार आज के आधुनिक समय के अन्तर्गत पैतृक एवं पति की सम्पत्ति में पूरा हक देने, मेहर वर्तमान समय के अनुसार तय किए जाने व उनका खाता खोले जाने और उसमें जमा करने की मांग शामिल है।