पर्यटन
तेल के ऊपर बसा है ये शहर, रहते हैं सिर्फ 3000 लोग


तीसरी-चौथी शताब्दी से यह देश बेचता है तेल…
इस शहर का नाम नेफ्ट डासलैरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शहर में लोगों के पास हर तरह की सुविधाएं भी मौजूद हैं। इस शहर की नींव कुछ खराब हो चुके जहाजों पर रखी गई थी। लेकिन अगले कुछ सालों में ऑयल प्लेटफॉर्म पर यह शहर बसने लगा। आपको बता दें कि अजरबैजान के पास तेल की अकूत संपत्ति है। यह भी माना जाता है कि यह देश तीसरी-चौथी शताब्दी से पेट्रोलियम पदार्थ का व्यापार करने लगा था।
इस शहर का नाम नेफ्ट डासलैरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शहर में लोगों के पास हर तरह की सुविधाएं भी मौजूद हैं। इस शहर की नींव कुछ खराब हो चुके जहाजों पर रखी गई थी। लेकिन अगले कुछ सालों में ऑयल प्लेटफॉर्म पर यह शहर बसने लगा। आपको बता दें कि अजरबैजान के पास तेल की अकूत संपत्ति है। यह भी माना जाता है कि यह देश तीसरी-चौथी शताब्दी से पेट्रोलियम पदार्थ का व्यापार करने लगा था।
कई लोग इस एरिया को लैंड ऑफ फायर कहते हैं। हालांकि, प्राचीन इतिहास से इतर मॉडर्न टाइम में 1870 से यहां तेल निकालने का काम शुरू हुआ। तब इस क्षेत्र में रूस का कब्जा था। फर्स्ट वर्ल्ड वार के वक्त भी अजरबैजान से भारी मात्रा में तेल की खपत होती थी।