ज्ञान भंडार
दूरी जितनी भी हो, किराया एक, रायपुर-कोरबा जनशताब्दी स्पेशल का हाल


प्रदेश के 3 बड़े जिले कोरबा, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर को राजधानी रायपुर से सीधे जोड़ने के लिए कोरबा-रायपुर जनशताब्दी स्पेशल 23 अक्टूबर से शुरू की गई है। यह ट्रेन हफ्ते में चार दिन शुक्र, शनि, रवि और सोमवार को चल रही है। आम यात्री इसे नियमित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कम भीड़ आड़े आ रही है। रिजर्वेशन सिस्टम के आंकड़े बताते हैं कि ट्रेन की औसतन 25 फीसदी सीटें ही रिजर्व हो रही हैं। भास्कर ने पड़ताल की तो इसके किराए में भारी अंतर मिला। संभवत: जोन की यह पहली ट्रेन है, जिसके एसी क्लाॅस में सफर का किराया खुलने वाले स्टेशन से मंजिल तक एक ही है। कोरबा, चांपा, नैला, अकलतरा या फिर बिलासपुर, इनमें से किसी भी स्टेशन से रायपुर के लिए सवार होने वालों को 490 रुपए का फिक्स किराया देना पड़ रहा है। चांपा से बिलासपुर तक के स्टेशनों से रायपुर के लिए सवार होने वालों के लिए इस ट्रेन का किराया नार्मल जनशताब्दी की तुलना 125 रुपए से 180 रुपए अधिक है।
नार्मल जनशताब्दी से 180 रुपए अधिक भार ट्रेन बंद होने से नुकसान आम यात्रियों का
रेल मंत्रालय के आदेश का सीधा नुकसान आम यात्रियों को हो रहा है। ज्यादा किराया देना पड़ रहा है, जिसके कारण बुकिंग भी कम हो रही है। जोनल रेलवे घाटे के चलते ट्रेन को बंद करेगा, जिससे नुकसान आम यात्रियों का ही होगा।
मंत्रालय का आदेश ही गड़बड़
किराए में अंतर को लेकर रेलवे से जानकारी ली गई तो पता लगा कि किराए में गड़बड़ी रेलवे बोर्ड के आदेश के चलते है। बोर्ड ने स्पेशल ट्रेन की एसी श्रेणी में न्यूनतम किराया 250 किलोमीटर का तय किया है। मतलब कि आप कहीं से कहीं जाएं, न्यूनतम किराया इतनी ही दूरी का लगेगा।
जोनल रेलवे की नहीं सुनी
जोनल रेलवे का कमर्शियल विभाग समस्या से वाकिफ है। जोनल रेलवे ने फेयर स्ट्रक्चर की गड़बड़ी को दूर करने मंत्रालय को पत्र लिखा था, जिसमें कोरबा-रायपुर को जनशताब्दी की तरह चलाने की मांग की गई थी। बोर्ड ने जोन की नहीं सुनी।