
देहरादूनः बहुचर्चित रूबी प्रकरण की जांच कर रही एसआइटी ने शनिवार को फिर से लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी का रुख किया। टीम ने वहां कुछ दस्तावेजों की पड़ताल कर अभी तक जुटाए गए साक्ष्यों का सत्यापन किया। डीजीपी बीएस सिद्धू के अनुसार जांच अंतिम चरण में है, अभी तक की जांच से संकेत मिल रहे हैं कि अकादमी के किसी बड़े अधिकारी को बचाने के लिए वहां का स्टाफ एसआइटी से झूठ बोल रहा है। डीजीपी ने दावा किया है कि मंगलवार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जाएगी। इससे कई संदेह दूर हो जाएंगे। पुलिस मुख्यालय की तरफ से गठित एसआइटी इस प्रकरण की जांच कर रही है। शनिवार को पुलिस टीम फिर से प्रशासनिक अकादमी गई। हालांकि, जांच की अधिकारिक जानकारी तो नहीं दी गई, लेकिन इतना जरूर पता लगा कि अकादमी में पुलिस टीम ने कुछ दस्तावेज खंगाले। इनमें उन साक्ष्यों से संबंधित दस्तावेज शामिल थे, जो पुलिस ने पिछले दिनों जुटाए थे। कुछ कर्मचारियों से टीम ने सवाल जबाव भी किए।
काबिलेगौर है कि मुजफ्फरनगर निवासी रूबी चौधरी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अकादमी में रहने का आरोप है। मामले की जांच कर रही एसआइटी को रूबी के अकादमी की गतिविधियों में शामिल होने के प्रमाण भी मिले हैं। अकादमी के सिक्योरिटी आफिसर की तहरीर पर पुलिस ने 31 मार्च को रूबी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तीन अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह जेल में है, बीते रोज निचली अदालत ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई।