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नागपुर पहुंचे शत्रुघ्न, कहा- अब कुछ नहीं बोलूंगा आराम से बैठकर मुजरा देखूंगा

दस्तक टाइम्स/एजेंसी- shatru_1447601435नागपुर. बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी में आगे रहने वाले सांसद शत्रुघ्न सिन्हा नागपुर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने आरएसएस चीफ और बड़े पदाधिकारियों से मिलने की कोशिश भी की। इस बीच, रविवार को एक प्रोग्राम के दौरान उन्होंने कहा, ”मुझे जो बोलना था वो मैंने बोल दिया। अब बड़े बुजुर्ग बोल रहे हैं, कर रहे हैं। अब मैं शांत मन से किनारे बैठूंगा। आराम से बैठकर जग का मुजरा देखूंगा। क्या-क्या हो रहा है, क्या-क्या होना चाहिए।” बता दें कि लालकृष्ण आडवाणीस, मुरली मनोहर जोशी जैसे बड़े नेता मोदी और अमित शाह की जोड़ी पर सवाल उठा रहे हैं।
 
शत्रुघ्न सिन्हा ने क्या कहा?
 नागपुर में एक प्रोग्राम में उन्होंने फिर से बीजेपी के सीनियर नेताओं पर निशाना साधा।
 उन्होंने एक बार फिर बिहार चुनाव की रणनीति में खुद को नजरअंदाज किएजाने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को भी पूरे मामले के दौरान अंधेरे में रखा गया।
 शत्रुघ्न ने कहा- एक स्टार प्रचारक होने और बिहार का होने के बावजूद पार्टी ने उन्हें पूरी चुनावी प्रक्रिया से अलग-थलग रखा और सभी काम बाहरी नेताओं को सौंपे गए।
 सिन्हा ने कहा, ‘‘जिस दिन नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और कांग्रेस का महागठबंधन बना, उसी दिन वे आधा चुनाव जीत गए थे।’’
 उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद और ‘जंगल राज’ पर निशाना साधना भी बिहार की जनता को रास नहीं आया।
 
पार्टी की कार्रवाई पर क्या कहा?
 पार्टी विरोधी काम करने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा- मैं सामाजिक जिम्मेदारी के तहत राजनीति में आया। पहली और आखिरी बार बीजेपी में आया। इसके बाद यह इल्जाम लगाया जा रहा है। अगर सच को सच कहना बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं।
 क्या गुनाह किया है मैंने? कौन सी एंटी-पार्टी एक्टिविटी की है? क्या मेरे अंदर सीनियर्टी, मैच्यूरिटी नहीं?
 मैं बीजेपी में था, हूं और रहूंगा।
शत्रुघ्न से नहीं मिले आरएसएक के नेता
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शत्रुघ्न शुक्रवार रात गुपचुप तरीके से नागपुर पहुंचे। उन्होंने संघ हेडक्वार्टर्स से संपर्क किया ताकि आरएसएस चीफ मोहन भागवत या सरकार्यवाह भैयाजी जोशी से मुलाकात का वक्त मिल जाए। लेकिन हेडक्वार्टर्स की ओर से उन्हें कहा गया कि दोनों ही नेता शहर में नहीं हैं। इतना ही नहीं संघ के दूसरे नेताओं ने भी सिन्हा से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। सिन्हा को बताया गया कि भागवत 22 नवंबर के पहले नहीं मिल पाएंगे, जबकि भैयाजी जोशी दिल्ली में हैं।

 

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