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नीतीश कुमार ने ममता बनर्जी को फोन किया, लेफ्ट ने कहा ‘दीदी भाई, मोदी भाई’

दस्तक टाइम्स/एजेंसी: mamata-banerjee_650x400_81444064999कोलकाता: बिहार में जीत हासिल करने के बाद नीतीश कुमार ने ममता बनर्जी को फोन करके समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का बिहार के नए मुख्यमंत्री के शपथ समारोह पर जाना अभी तय नहीं है। कोलकाता में उद्योगपतियों के साथ चल रहे एक सम्मेलन के दौरान बनर्जी ने कहा ‘जब मैं पिछले शपथ ग्रहण समारोह में गई थी, तभी मैंने नीतीशजी को अगली जीत के लिए बधाई दे दी थी। मुझे कुछ जिलों में दौरे पर भी जाना है तो देखते हैं।’

नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह अगले हफ्ते में होना बताया जा रहा है। इस बीच बनर्जी और बिहार शासक के बीच मिलनसारिता पर काफी पैनी नज़र रखी जा रही है लेकिन सवाल यह है कि अगले साल बंगाल में होने वाले मतदान में क्या ममता को उनका समर्थन मिल पाएगा। लेफ्ट ने होने वाले चुनाव से पहले ही ‘मोदी भाई दीदी भाई’ नाम का स्लोगन ममता के खिलाफ इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है।

सीपीएम पोलिटब्यूरो के सदस्य और बंगाल में विपक्ष के नेता सुर्यकांत मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा  #ModiBhaiDidiBhaiएक ही सिक्के को दो पहलू हैं। ममता की भी यही हालत होनी है। लोग उनके गैर-प्रजातंत्र, कमज़ोर सांप्रदायिक राजनीति का जवाब देंगे।’

‘कोलकाता जाने का रास्ता रोका’

बनर्जी ने इस साल फरवरी में नीतीश कुमार से पटना में तब मुलाकात की थी जब उन्होंने अपने द्वारा सीएम की कुर्सी पर बैठाए गए जीतेन राम मांझी को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। एनडीए से अलग होने के बाद ममता बनर्जी काफी वक्त से भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय पार्टियों के संयुक्त मोर्चे की पैरवी करती आ रही हैं। हालांकि फिलहाल उन्हें इस काम में कोई सफलता हासिल नहीं हुई है। उधर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि बिहार के बाद भाजपा बंगाल पर ध्यान देने वाली है।

हालांकि आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने रविवार को जीत के बाद कहा था कि ‘भाजपा की योजना बिहार में जीत हासिल करके बंगाल की तरफ बढ़ने की थी लेकिन हमने उन्हें कोलकाता जाने से रोक दिया।’ बिहार में हार के बाद बंगाल के ऊपर भाजपा का मंडराता खतरा फिलहाल कम हुआ है लेकिन अभी अटकलें इस बात की लगाई जा रही हैं कि महा गठबंधन राज्य में किसको समर्थन देगा – लेफ्ट को या ममता बनर्जी को?

बताया जा रहा है कि जदयू के के सी त्यागी ने कहा है कि बंगाल में वह ममता बनर्जी का समर्थन देंगे लेकिन दिल्ली में वह लेफ्ट के साथ काम करना पसंद करेंगे। अगर 2016 के चुनाव में महागठबंधन (जिसमें कांग्रेस भी शामिल है) ने लेफ्ट का साथ दिया तो ममता बनर्जी को एक ताकतवर विपक्ष का सामना करना पड़ सकता है। यह उनके निर्वाचन की तकदीर तो नहीं बदल पाएगा लेकिन उनके लिए मुश्किलें खड़ी करने के लिए काफी होगा। सरकार के लिए विभाजित विपक्ष हमेशा से ही ज्यादा कारगर होता है।

 

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