पुदीना हो या हींग, इन दोनों के फायदे है अनेक

पुदीना-
इसका पौधा एक फीट ऊंचा होता है, जिसके पत्ते लंबे और गोलाई लिए होते हैं। इसके नए पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं जिन्हें प्रयोग में लाया जाता है। पुदीना शरीर में जाकर पाचक रसों को उत्प्रेरित करता है। जिसकी वजह से शरीर की गर्मी बाहर निकाल जाती है।
-पुदीना के सेवन से भूख भी बढ़ती है।अगर आपको भी भूख नहीं लगती तो ये उपाय आजमाकर देखें। हरा धनिया, पुदीना, कालीमिर्च, अंगूर या अनार की चटनी बनाकर उसमें नींबू का रस मिलाकर खाने से भूख नहीं लगने की समस्या दूर होती है और पाचन क्रिया तेज होने लगती है।
-2 चम्मच पुदीने की चटनी शक्कर में मिलाकर भोजन के साथ खाने से मूत्र रोग में लाभ होता है।
-पुदीने की पत्तियों को थोड़े-थोड़े समय के बाद चबाते रहने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है। पुदीने की 15-20 हरी पत्तियों को एक गिलास पानी में अच्छी तरह उबालकर उस पानी से गरारे करने से भी मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।
हींग-
हींग में बहुत तेज गंध होती है। हिमालय के पहाड़ी क्षेत्रों में यह पौधा पाया जाता है। तेजाबी नमक मिले होने के कारण इसमें से तेज गंध आती है। शुद्ध हींग मिलना वैसे तो बहुत कठिन होता है। हींग की तासीर गर्म होती है, जो वात् और कफ विकार दूर करती है और पित्त बढ़ाती है। वात्-विकार जन्य (जैसे जोड़ों में दर्द, थकान और गठिया आदि) रोगों में इसका प्रयोग उपयोगी होता है।
-पेट में दर्द होने पर आप हींग को पानी में घोलकर पेट की नाभि के आस पास लगा सकते हैं इससे आप के दर्द में राहत प्राप्त होगी।
-इसके अलावा हींग और गुड़ को मिलाकर गर्म पानी के साथ लेने पर गैस की समस्या दूर होती है।
-पेट में दर्द से आराम पाने के लिए हींग काला नमक और अजवाइन को मिलाकर पानी के साथ पीने पर आराम प्राप्त होता है।