मो
गा। किसानों के हक में कृषि मंत्री तोता िसंह की कोठी घेरने के लिए अनाज मंडी में जुटे सैकड़ों कांग्रेसियों को पुलिस फोर्स ने वहीं घेर लिया। बाहर न निकल सकें, इसके लिए पुलिस ने बेरिकेड्स के साथ ह्यूमन वाल भी बना रखी थी। आॅल इंडिया यूथ कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिं़ग की अगुवाई में प्रदर्शनकारी पुलिस फोर्स को खदेड़कर बाहर निकल आए। लघु सचिवालय पार करते हुए पंजाब सरकार व कृषि मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को फिरोजपुर रोड की नहर पर सैकड़ों पुलिस वालों ने रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्री का पुतला वहीं फूंका और आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने रोका तो धक्कामुक्की शुरू हो गई। वाटर केनन से पानी की बौछारें मारी गईं। इस पर कांग्रेसी पीछे की ओर दौड़े। पुलिस साथ में आंसू गैस भी लाई थी लेकिन इसकी नौबत नहीं आई। आखिर भारी पुलिस फोर्स के सामने बस न चलता देख वडि़ंग समेत सैकड़ों कांग्रेसियों ने िगरफ्तारियां देनी शुरू कर दीं। खुद ही पुलिस की बस में सवार हो गए। पुलिस लाइन ले जाकर इन्हें छोड़ दिया गया।
का घेराव करने जा रहे सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने फिरोजपुर रोड पर नाकाबंदी कर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस व कांग्रेसी वर्करों में धक्कामुक्की भी हुई और वाटर केनन से पानी की बौछारें कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। उल्लेखनीय है कि नरमे के नुकसान का मुआवजा आल इंडिया यूथ कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में वर्करों की रविवार को जत्थेदार तोता सिंह की कोठी घेरने की योजना थी, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली। इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस बसों में चढ़कर गिरफ्तारी देने को तैयार हो गए।
रविवार सुबह करीब 11 बजे से ही यूथ कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता अनाज मंडी में इक्ट्ठा होना शुरू हुए। वह नरमे की फसल के तबाह होने के लिए कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग करते रहे। इस दौरान यूथ कांग्रेसी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ साथ पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने पर दो घंटे देरी से पहुंचे वडिंग
राजा वडि़ंग दो घंटे देरी से करीब एक बजे अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं में की गई धांधली से सफेद मक्खी ने नरमे की फसल को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों का भविष्य संकट में आ गया है। पंजाब के 95 प्रतिशत किसान, आढ़तियों, बैंकों या अपने रिश्तेदारों के कर्जदार हैं और अगर कोई अन्य फसल खराब हुई तो वह कहीं के नहीं रहेंगे।
पुलिस के दो बेरिकेड्स तोड़े, तीसरे पर घिरे
प्रशासन ने अनाज मंडी में एकत्र हजारों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मंडी को पुलिस छावनी में तब्दील कर रखा था। मंडी में ही सैकड़ों पुलिस कर्मियों ने कुछ दूरी पर दो अलग अलग बेरिकेड्स लगाकर ह्यूमन वॉल बनाई लेकिन जोश में आए कार्यकर्ता पुलिस कर्मियों को लगभग खदेड़ते हुए आगे बढ़ गए और अनाज मंडी का गेट पार करके मुख्य सड़क पर आ गए। लघु सचिवालय पार करते हुए पंजाब सरकार व कृषि मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों का काफिला फिरोजपुर रोड की नहर पर रुक गया। यहां सैकड़ों पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए हाथ में लाठियां और स्टिक गार्ड लिए मुस्तैद थे। मायूस न होते हुए प्रदर्शनकारियों ने साथ लाया पुतला वहीं पर फूंककर नारेबाजी की। आगे बढ़ने की कशमकश उनकी अब भी जारी थी कि पुलिस ने उनके हौसले पस्त करने के लिए वाटर केनन से पानी की बौछार कर दी। तेजधार पड़ने से कार्यकर्ता पीछे को दौड़े। प्रदर्शनकारियों से निपटने की पूरी तैयार करके आए पुलिस ने अश्रु गैस का प्रबंध भी करके लाए थे लेकिन इसकी नौबत ही नहीं आई।
यही नहीं, अपना जोर न चलता देख राजा वडिंग समेत सैकड़ों कांग्रेसी अपने आप ही पुलिस की बस में सवार होकर गिरफ्तारी देने लगे, जिन्हें पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया गया। इस दौरान यूथ नेता कुलबीर सिंह जीरा, कमलजीत सिंह बराड़, हरजोत कमल , मंजीत मान ,लोकसभा हल्का फरीदकोट इंचार्ज परमिंदर सिंह डिम्पल, पूर्व जिला प्रधान बीबी जगदर्शन कौर, धूरी यूथ जिला प्रधान मिट्ठू, ठाना सिंह जोहल, गुरमेल सिंह व धर्मेंद्र हांडा समेत भारी संख्या में यूथ कांग्रेसी वर्कर मौजूद थे।
लेडीज कांस्टेबल को पुलिस ने बनाया हथियार
आलाकमान से मिली हिदायतों पर हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया और हर मोड़ पर प्रदर्शनकारियों पर रियायत ही बरती लेकिन इनके आक्रोश से निपटने के लिए पुलिस ने लेडीज कांस्टेबल को हथियार बनाया। अनाज मंडी व नहर के प्रमुख बेरिकेड्स में लगाए पुलिस कर्मियों के आगे लेडीज कांस्टेबल की मानव श्रृंखला बनाई गई। लेडीज कांस्टेबल से धक्कामुक्की करने की हिम्मत नहीं होने का पुलिस का मंसूबा कामयाब नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों ने अनाज मंडी का पहला बैरिकेड तोड़ने के बाद दूसरे बैरिकेड को भी खदेड़ दिया।
प्रदर्शन में शामिल हुआ तोता
कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के खिलाफ निकाले गए रोष प्रदर्शन में तोता आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनकारी जहां हाथ में यूथ कांग्रेस के झंडे उठाए हुए थे, वहीं पिंजरे में कैद तोता भी शामिल किया गया था। अनाज मंडी से लेकर रोष रैली एवं पुलिस बैरिकेड का सामना करते हुए धक्कामुक्की के समय भी तोता आगे आगे रहा। पुलिस वाले भी प्रदर्शन में तोते के शामिल होने पर अपनी हंसी रोक नहीं पाए।
धक्कामुक्की से उतरी पुलिस वालों की पगड़ी
शुरू से ही नर्म रुख अख्तियार किए बैठी पुलिस के साथ धक्कामुक्की उनके लिए नुकसानदेह रही। पुलिस ने चाहकर भी बल प्रयोग नहीं किया और प्रदर्शनकारियों को महज रोकने का ही प्रयास किया। अनाज मंडी में धक्कामुक्की के दौरान इंस्पेक्टर रेंक का पुलिसकर्मी गिर गया जबकि अनेक पुलिस कर्मियों की पगड़ी तक उतर गई। इसके अलावा नहर पर हुई वाटर केनन की पानी की बौछारों में पुलिस कर्मी भी लपेटे में आ गए।
500 पुलिस कर्मियों की भारी फोर्स तैनात
यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने के लिए एसपी हेडक्वार्टर केहर सिंह खैहरा ने पंजाब पुलिस के 500 जवानों की मुस्तैदी की थी। इनमें जहां जहां 400 पुलिस कर्मी मोगा के थे जबकि फिरोजपुर व फरीदकोट से भी 50-50 पुलिस कर्मी बुलाए गए थे। इसके अलावा डीएसपी बाघापुराना जसपाल सिंह, धर्मकोट के गुरमेल सिंह समेत जिले के सभी छह थानों के एसएचओ व सभी 17 पीसीआर कर्मी की भी ड्यूटी लगाई गई।
धक्कामुक्की में कई पुलिस वालों की पगड़ियां उतर गईं
पुलिस को आलाकमान से बल प्रयोग न करने की हिदायतें थीं। शुरू से ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सिर्फ रोकने का ही प्रयास किया। अनाज मंडी में धक्कामुक्की के दौरान इंस्पेक्टर रेंक का पुलिसकर्मी गिर गया जबकि अनेक पुलिस कर्मियों की पगड़ियां तक उतर गईं। नहर पर हुई पानी की बौछारों में पुलिस कर्मी भी लपेटे में आ गए। पुलिस ने लेडीज पुलिस को हथियार बनाया। लेकिन कांग्रेसियों ने उनकी ह्यूमन वाल भी तोड़ दी।
प्रदर्शन में शामिल पिंजरे में कैद तोता आकर्षण में रहा
प्रदर्शन में तोता आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनकारी जहां हाथ में यूथ कांग्रेस के झंडे उठाए हुए थे, वहीं पिंजरे में कैद तोता भी शामिल किया गया था। अनाज मंडी से लेकर रोष रैली एवं पुलिस बैरिकेड का सामना करते हुए धक्कामुक्की के समय भी तोता आगे -आगे रहा। पुलिस वाले भी प्रदर्शन में तोते के शामिल होने पर अपनी हंसी रोक नहीं पाए। राजा वडि़ंग दो घंटे देरी से करीब एक बजे अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने सरकार को कोसा।
नरमा बर्बादी से दुखी किसान ने खेत में फंदा लगा जान दी
बर्बाद नरमे से दुखी गांव बहमन दीवाना के एक किसान ने खेत में ही पेड़ पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। 42 वर्षीय सुखविंदर सिंह ने सवा दो एकड़ में नरमा बीजा था। फसल खराब होने पर वह परेशान था। दो साल पहले सुखविंदर के भाई की स्प्रे चढ़ने से मौत हो गई थी।
किसानों ने 18 दिन बाद धरना हटाया, 7 को रेलें रोकेंगे
बठिंडा. पिछले 18 दिनों से शहर में चल रहे धरने को रविवार को किसानों ने हटा लिया। भले ही अब शहरवासियों को थोड़ी राहत होगी लेकिन 7 व 8 अक्टूबर को किसान रेल रोको मुहिम के तहत प्रदेश भर में रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। किसान अब बठिंडा शहर के बजाय रामपुरा, मानसा, बरनाला, पटियाला, अजितवाल व लहरागागा जैसी कई जगहों पर ट्रैक जाम करेंगे।
राजा वडि़ंग दो घंटे देरी से करीब एक बजे अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं में की गई धांधली से सफेद मक्खी ने नरमे की फसल को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों का भविष्य संकट में आ गया है। पंजाब के 95 प्रतिशत किसान, आढ़तियों, बैंकों या अपने रिश्तेदारों के कर्जदार हैं और अगर कोई अन्य फसल खराब हुई तो वह कहीं के नहीं रहेंगे।
प्रशासन ने अनाज मंडी में एकत्र हजारों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मंडी को पुलिस छावनी में तब्दील कर रखा था। मंडी में ही सैकड़ों पुलिस कर्मियों ने कुछ दूरी पर दो अलग अलग बेरिकेड्स लगाकर ह्यूमन वॉल बनाई लेकिन जोश में आए कार्यकर्ता पुलिस कर्मियों को लगभग खदेड़ते हुए आगे बढ़ गए और अनाज मंडी का गेट पार करके मुख्य सड़क पर आ गए। लघु सचिवालय पार करते हुए पंजाब सरकार व कृषि मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों का काफिला फिरोजपुर रोड की नहर पर रुक गया। यहां सैकड़ों पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए हाथ में लाठियां और स्टिक गार्ड लिए मुस्तैद थे। मायूस न होते हुए प्रदर्शनकारियों ने साथ लाया पुतला वहीं पर फूंककर नारेबाजी की। आगे बढ़ने की कशमकश उनकी अब भी जारी थी कि पुलिस ने उनके हौसले पस्त करने के लिए वाटर केनन से पानी की बौछार कर दी। तेजधार पड़ने से कार्यकर्ता पीछे को दौड़े। प्रदर्शनकारियों से निपटने की पूरी तैयार करके आए पुलिस ने अश्रु गैस का प्रबंध भी करके लाए थे लेकिन इसकी नौबत ही नहीं आई।
आलाकमान से मिली हिदायतों पर हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया और हर मोड़ पर प्रदर्शनकारियों पर रियायत ही बरती लेकिन इनके आक्रोश से निपटने के लिए पुलिस ने लेडीज कांस्टेबल को हथियार बनाया। अनाज मंडी व नहर के प्रमुख बेरिकेड्स में लगाए पुलिस कर्मियों के आगे लेडीज कांस्टेबल की मानव श्रृंखला बनाई गई। लेडीज कांस्टेबल से धक्कामुक्की करने की हिम्मत नहीं होने का पुलिस का मंसूबा कामयाब नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों ने अनाज मंडी का पहला बैरिकेड तोड़ने के बाद दूसरे बैरिकेड को भी खदेड़ दिया।
कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के खिलाफ निकाले गए रोष प्रदर्शन में तोता आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनकारी जहां हाथ में यूथ कांग्रेस के झंडे उठाए हुए थे, वहीं पिंजरे में कैद तोता भी शामिल किया गया था। अनाज मंडी से लेकर रोष रैली एवं पुलिस बैरिकेड का सामना करते हुए धक्कामुक्की के समय भी तोता आगे आगे रहा। पुलिस वाले भी प्रदर्शन में तोते के शामिल होने पर अपनी हंसी रोक नहीं पाए।
शुरू से ही नर्म रुख अख्तियार किए बैठी पुलिस के साथ धक्कामुक्की उनके लिए नुकसानदेह रही। पुलिस ने चाहकर भी बल प्रयोग नहीं किया और प्रदर्शनकारियों को महज रोकने का ही प्रयास किया। अनाज मंडी में धक्कामुक्की के दौरान इंस्पेक्टर रेंक का पुलिसकर्मी गिर गया जबकि अनेक पुलिस कर्मियों की पगड़ी तक उतर गई। इसके अलावा नहर पर हुई वाटर केनन की पानी की बौछारों में पुलिस कर्मी भी लपेटे में आ गए।
यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने के लिए एसपी हेडक्वार्टर केहर सिंह खैहरा ने पंजाब पुलिस के 500 जवानों की मुस्तैदी की थी। इनमें जहां जहां 400 पुलिस कर्मी मोगा के थे जबकि फिरोजपुर व फरीदकोट से भी 50-50 पुलिस कर्मी बुलाए गए थे। इसके अलावा डीएसपी बाघापुराना जसपाल सिंह, धर्मकोट के गुरमेल सिंह समेत जिले के सभी छह थानों के एसएचओ व सभी 17 पीसीआर कर्मी की भी ड्यूटी लगाई गई।