प्यास के पीछे के विज्ञान की कहानी: जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी ले सकता है आपकी जान

आपका दिमाग काफी समझदार है। यह आपको एक्स्ट्रा भोजन से नहीं रोकता, लेकिन पानी पर रखता है नजर। विज्ञानिकोंं के अनुसार जब हम भूखे होते हैं और खाना खाते हैं तो ‘पेट भर चुका है’, यह संदेश हमारे मस्तिष्क तक पहुंचाने में शरीर को लगभग 20 मिनट का समय लगाता है। यही कारण है कि कई बार आप अपनी भूख से ज्यादा खा जाते हैं। लेकिन जब बात प्यास की करते हैं तो आपका शरीर यह संदेश दिमाग तक पहुंचाने में इतनी देरी नहीं करता है।
पहुंचता है संदेश
जब आपके रक्त प्रवाह में तरल पदार्थों की मात्रा कम होती है, आपका शरीर आपको यह एहसास दिलाता है कि आप प्यासे हैं। जब आपका दिमाग यह महसूस करता है कि आपके शरीर में नमक की मात्रा ज्यादा हो गई है, न्यूरोन्स निकलते हैं और आपके दिमाग में प्यास के लिए संदेश बनता है।
जीवन के लिए जरूरी है पानी
पानी सभी के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है और इसी की वजह से हम इस धरती पर जीवित हैं। पृथ्वी पर 71 फीसदी पानी है। वहीं मानव की बात करें तो हमारा शरीर 60 प्रतिशत पानी से बना है। हम प्रतिदिन पसीने, मल-मूत्र, सांस लेने और रोने जैसी क्रियाओं में पानी शरीर से निकालते हैं और उसे तुरंत रिप्लेस करने की जरूरत होती है।
पीजिए पानी, प्यासे हैं आप
मस्तिष्क, शरीर को विद्युतीय आवेग से नियंत्रित करता है जो शरीर की कोशिकाओं के इलेक्ट्रोलायट्स से चलता है, जैसे नमक। जैसे ही हमारे शरीर में इन इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा नियमित मात्रा से अलग होती है, हमारा शरीर डिहायड्रेटिड महसूस करने लगता है।
पानी ले सकता है जान
शरीर जमा फैट को भविष्य में एनर्जी की तरह प्रयोग कर सकते हैं। पर बेहद कम समय में जरूरत से ज्यादा पानी पीना आपकी जान भी ले सकता है। अमरीकन केमिस्ट्री सोसायटी के अनुसार 7 लीटर से कम पानी 75 किग्रा के व्यक्ति को मार सकता है।