प्रधानमंत्री का उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता पर जोर

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को उच्च शिक्षा में शामिल घटकों से शिक्षकों की गुणवत्ता और उनकी कमी के मसले पर तत्काल विचार करने और इस समस्या का समाधान करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हमें उच्च शिक्षण संस्थानों के अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व हो सकता है। उन्होंने विश्वभर में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन काम किया है।’’ मनमोहन सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी ) की हीरक जयंती समारोह में ये बातें कही। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थान में शिक्षकों की कमी के मुद्दे उठाते हुए कहा ‘‘यह आने वाले समय में उच्च शिक्षण संस्थानों के विस्तार से संभवत: और बड़ी समस्या बन जाएगी।’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं यूजीसी और उच्च शिक्षा प्रणाली के घटकों से आग्रह करता हूं कि वे शिक्षकों की गुणवत्ता और उनकी कमी की समस्या पर तत्काल विचार करें और इसके समाधान के उपाय तलाशें।’’
मनमोहन सिंह ने कहा कि बदलाव की प्रक्रिया वस्तुत: पिछले 1० सालों में शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में त्वरित बदलाव यूजीसी के लिए एक चुनौती की तरह है। प्रधानमंत्री यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा ‘‘उच्च शिक्षा के प्रमुख नियामक होने के नाते यूजीसी ने अब तक बेहतरीन काम किया है। हालांकि इस काम के लिए नई सोच और नए तरीके की जरूरत है। मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि आयोग अपने हीरक जयंती समारोह का इस्तेमाल उस संदर्भ में करेगा कि यह भविष्य में अपनी कठिन जिम्मेदारी के साथ पूरा न्याय करने में कैसे सक्षम हो।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यूजीसी एक राष्ट्रीय थिंकटैंक की भूमिका निभाता है और उन मुद्दों पर पेशेवर और उद्देश्यपरक चर्चाएं आयोजित करता है जिसका देश की उच्च शिक्षा प्रणाली के प्रबंधन से गहरा नाता है। मनमोहन सिंह ने कहा ‘‘हमारी विश्वविद्यालय व्यवस्था को शोध कार्य एवं विशेषकर शोध कार्यों की गुणवत्ता व इसकी संख्या बढ़ाने पर और अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है।’’