
लखनऊ। लखनऊ के प्राचीनतम श्री बटुक भैरव मेले में इस बार भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने भैरव जी का दर्शन कर पुण्य-अर्जन किया।मेले के सुअवसर पर शनिवार से प्रारंभ हुई अखंड रामायण रविवार को पूर्ण हुई। इसके पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में दूध, दही, घी, शहद, शक्कर सहित दर्जनों सामग्रियों से प्रभु श्री बटुक भैरव का महाभिषेक महंत बीना गिरि महाराज की देखरेख में बृह्म मुहुर्त में सम्पन्न हुआ। इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिये गए । सुबह चार बजे से रात बारह बजे के बाद तक मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा । अधिकांश भक्तों ने भैरव जी को प्रिय भोग सामग्री सोमरस को अर्पित किया, छप्पन भोग भी लगाया गया। इसके साथ ही टॉफी, चाकलेट, दही बड़े, मिठाईयां, नमकीन, भांग, हलुआ, जलेबी, फल यानि सभी प्रकार की भोग सामग्री प्रभु को अर्पित की गयी। कैसरबाग स्थित श्री बटुक भैरव देवालय में प्रतिवर्ष भादों के आखि़री इतवार को मेला लगता है। इस मेले को बड़े इतवार का मेला भी कहा जाता है। श्री बटुक भैरव मेले से जहां ज़बरदस्त धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है वहीं इसकी सुदृढ़ सांस्कृतिक परम्परा भी रही है। मेले में बच्चों के लिए जहां झूले लगाये गये वहीं सैंकड़ों दुकानें भी लगी थीं। मंदिर की विद्युत सज्जा भी मनोहारी थी।