अन्तर्राष्ट्रीय
बड़ी ही चालाकी से 1.40 लाख रुपए लेकर चंपत हो गए बंदर

अभी तक फ्रिज का दरवाजा खोल खाने का सामान पार करने वाले बंदरों ने कुछ ऐसा कर दिया कि जानकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। जी हां, बंदरों ने मिलकर एक सर्राफ का थैला छीन लिया। जो पैसों से भरा हुआ था। बैग में तकरीबन 2 लाख रुपए थे। पीछा करने पर बंदर 60 हजार रुपए फेंक गए लेकिन 1.40 लाख रुपए लेकर चंपत हो गए। इसके बाद क्या हुआ जानिए…
मीडिया रिपोर्टों की मानें तो आगरा के नाई की मंडी हलका मदन के रहने वाले सर्राफ विजय बंसल के साथ यह घटना घटी है। विजय की पत्नी रेनू का धाकरान चौराहे पर स्थित नाथ कांप्लेक्स में इंडियन ओवरसीज बैंक में खाता है। सोमवार को वह अपनी बेटी नैन्सी के साथ दो लाख रुपये लेकर बैंक में जमा करने गए थे। रुपये का थैला नैन्सी ने पकड़ा था।
दोनों बैंक पहुंचकर जब प्रथम तल पर जाने के लिए सीढ़ी चढ़ने लगे तभी वहां मौजूद तीन-चार बंदरों ने नैन्सी से पैसों वाला थैला छीन लिया। सर्राफ और उनकी बेटी के शोर मचाने पर बैंक का गार्ड और वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने बंदरों का पीछा किया। इस पर एक बंदर थैला लेकर तीसरी मंजिल पर पहुंच गया। इसके बाद बंदरों ने…
100-100 की पांच गड्डी थैले से निकालकर फेंक दी। जबकि एक गड्डी से नोट निकालने के बाद उनको फाड़ कर फेंकना शुरू कर दिया। ये देखकर सर्राफ का क्लेजा हिल गया। पुलिसकर्मियों और गार्ड ने मिलकर बंदर को घेरने की कोशिश भी की लेकिन बंदर फिर इमारत की चौथी मंजिल पर जा पहुंचा। छठीं गड्डी और फटे हुए नोट बंदर ने नीचे फेंक दिए। इसके बाद बंदर इमारतों पर इधर से उधर दौड़ता रहा। दर्जनों लोग उसके पीछे-पीछे शोर मचाते हुए भागते रहे लेकिन वह हाथ नहीं आया। लगभग एक घंटे तक उसने लोगों को खूब दौड़ाया।
आखिर में बंदर ने चौथी मंजिल पर पहुंच कर थैला नीचे तीसरी मंजिल पर फेंक दिया। लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि सर्राफ के हाथ रकम फिर भी नहीं लगी। उन्होंने आशंका जताई कि वहां मौजूद किसी और शख्स के हाथ यह पैसे लग गए जो नीयत खराब होने पर उन्हें लेकर वहां से फरार भी हो गया।