
बांदा : युवक ने फांसी लगा जान दी
बांदा: देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर गांव में बीती रात युवक ने पत्नी के दुपट्टे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी करने से पहले उसने एक सोसाइट नोट भी लिखा। जिसमें उसने पुलिस अधिकारियों समेत कुछ राजनीतिक असरदार लोगों को मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना और पत्नी के उच्च न्यायालय में अपने बयान के दौरान मुकर जाने से क्षुब्ध होकर उसने इस घटना को अंजाम दिया है। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के महोखर गांव निवासी मुकेश निगम (26) पुत्र कामता निगम संविदा पर बरेली डिपो में परिचालक था। बीती रात उसने कमरे के अंदर पत्नी के दुपट्टे से कमरे के अंदर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह जब देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकला। परिजनों ने देखा तो वह कमरे के अंदर फंदे पर लटक रहा था।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन में फंदा काटकर उसे नीचे उतार लिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास ही एक सोसाइड नोट बरामद किया है। मृतक के भाई नरेश निगम ने बताया कि उसके भाई मुकेश ने करीब 11 माह पहले शहर के धीरज नगर मोहल्ले की रहने वाली योगिता पांडेय के साथ कोर्ट मैरिज थी। योगिता उसके साथ बरेली में रही। इसके बाद महोखर में भी आकर रही। करीब डेढ माह पहले योगिता अपने मायके धीरज नगर चली गई थी। इसके बाद वह दोबारा वापस पति के पास नहीं आई। पत्नी योगिता के वापस न आने पर मुकेश ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में मुकेश ने पत्नी को दोबारा अपने पास लाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तिथि निर्धारित थी।
जिसमें योगिता ने उच्च न्यायालय में मुकेश को पहचानने से ही इंकार कर दिया। योगिता ने अपने बयान में कहा कि वह मुकेश को नहीं जानती। इससे परेशान होकर उसके भाई ने खुदकुशी कर ली। नरेश ने आरोप लगाया कि योगिता को लेकर पुलिस आए दिन उसके घर आकर दबाव बनाती थी। धीरे-धीरे करके थानाध्यक्ष ने करीब पांच लाख रूपए उनसे ऐंठ लिए। करीब 15 बीघा जमीन भी उनको गिरवी रखनी पडी। यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने भी उनसे 20 हजार की मांग की थी। इन सभी बातों से परेशान होकर उसके भाई ने खुदकुशी की है। बरामद किए गए सोसाइड नोट में मृतक ने पुलिस महकमे के कई जिम्मेदार अधिकारियों के साथ ही कुछ राजनीतिक लोगों के नामों का भी जिक्र किया है। जिसमें इन सभी को उसकी खुदकुशी का जिम्मेदार ठहराया है।