बिहार और गुजरात में बढ़ते राजनीतिक गतिरोध से जमीन खो रही कांग्रेस!

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ताजा मामला गुजरात का है। पूर्व सीएम शंकरसिंह वाघेला ने पार्टी से निकलते हुए राज्य ईकाई को अस्थिर कर दिया। इसके अलावा कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों ने पार्टी को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया। आगामी चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं पर सवाल उठने लगे हैं। वाघेला के इस्तीफे के बाद तीन कांग्रेस विधायक बीजेपी में शामिल हो गए।
यहां तक कि गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख भारतीम सोलंकी ने भी कांग्रेस नेताओं के पलायन को दीवाली सफाई कहा था। मुख्यालय में पार्टी के नेताओं की स्थिति खराब है। वाघेला के बेटे और मौजूदा विधायक महेंद्रसिंह के अंग्रेजी अखबार को दिए बयान के मुताबिक निर्णायक नेतृत्व आज कांग्रेस की सभी मुसीबतों का मूल कारण है।
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राहुल गांधी उपाध्यक्ष और सभी पक्ष मामलों के प्रभारी हैं, लेकिन उन्होंने गुजरात में चीजों को ठीक करने के लिए कुछ भी नहीं किया। बिहार ने हमारी स्थिति खो दी है। हालात सही नहीं है। कार्यकर्ता नाखुश हैं और कह रहे हैं कि शंकरसिंह के साथ इस तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए था।
हाल ही में पलायन के बारे में पूछे जाने पर सोलंकी ने कहा था कि दीवाली की सफाई पर विचार करें तो यह अच्छा है। वे चुनाव के दौरान परेशानी पैदा कर देते। हम खुश हैं और आगामी चुनावों के लिए तैयार हैं। हमें जीतने के लिए अहमद पटेल के लिए 45 विधायकों की जरूरत है, जो हमें आराम से मिलेंगे।