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बिहार में हार की समीक्षा में निकला नतीजा : महागठबंधन की ताकत को गलत आंक बैठा NDA

दस्तक टाइम्स/एजेंसी:  pm-modi-amit-shah-650_650x400_71447066649नई दिल्ली: बिहार में मिली करारी हार के कारणों और प्रभाव पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी में फैसला लेने वाली शीर्ष इकाई के 12 नेताओं के साथ पार्टी मुख्यालय में बैठक की।
पढ़ें बैठक में क्या निकले नतीजे
  1. संसदीय बोर्ड की समीक्षा बैठक के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा, बिहार में मिले जानदेश का हम सम्मान करते हैं। जेटली ने कहा, बिहार में हम जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएंगे, बिहार के विकास के लिए केंद्र हर संभव सहायता देता रहेगा।
  2. इसके साथ ही जेटली ने कहा, विपक्ष की एकजुटता हमारी हार का मूल कारण रही। महागठबंधन के घटकों को लेकर हमारा आकलन गलत रहा, उनका स्ट्राइक रेट बढ़ा है, उनके सभी वोट एक-दूसरे को ट्रांसफर हुए।
  3. जेटली ने कहा, ‘सामूहिक रूप से तीनों (आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस) को 45.4 फीसदी वोट मिले। लोकसभा में तीनों अलग-अलग लड़े थे तो हमें ज्यादा वोट मिले और तब हमारी स्वाभाविक जीत हुई थी। हमें लगता था कि शायद गठबंधन में हरेक घटक अपना वोट एक दूसरे को ट्रांसफर नहीं कर पाता। हमें लगता था कि यह गणित इतना सरल नहीं होगा, इसलिए ये तीनों भी एक दूसरे को अपना टोटल वोट ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे। यह अनुमान गलत था।’
  4. वहीं आरक्षण पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को बिहार में हार की वजह मानने से इनकार हुए जेटली ने कहा, चुनाव में हर पक्ष से विवादित बयान आतें हैं, चुनाव बयानों के आधार पर तय नहीं होता। विविदास्पद कहे जा रहे बयानों पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।
  5. इससे पहले बिहार से ही बीजेपी सांसद और अश्विनी चौबे सहित बिहार के कुछ नेताओं ने कहा है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का आरक्षण के बारे में दिए गए बयान से पार्टी को नुकसान हुआ।
  6. बिहार चुनाव में एनडीए के घटक दलों के खराब प्रदर्शन को लेकर बीजेपी अध्यक्ष की नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए जेटली ने कहा कि सहयोगियों ने अपना कर्तव्य पूरी तरह निभाया और हमने एक-दूसरे को भरपूर साथ दिया।
  7. जेटली ने कहा, इस हार की जिम्मेदारी सबकी बनती है। हम केंद्र के काम, संगठन की ताकत के आधार पर आगे बढ़ेंगे।
  8. जेटली ने कहा कि बीजेपी बिहार चुनाव से सबक लेकर असम और केरल विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि असम में तो एक तरह से अच्छी संख्या में कार्यकर्ता जीत कर आए हैं। केरल में बीजेपी को 18 फीसदी पॉप्युलर वोट मिले हैं।
  9. इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि इस करारी शिकस्त की गाज राज्य से आने वाले मंत्रियों पर गिर सकती है। बीजेपी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र के बाद ही यह फेरबदल होने की उम्मीद है। सूत्र ने बताया कि पीएम मोदी उन मंत्रियों को हटा सकते हैं, जो बिहार चुनाव में उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
  10. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पार्टी की शीर्ष इकाई और प्रधानमंत्री उन मंत्रियों पर भी कार्रवाई कर सकते हैं, जिन्होंने गोकशी और दादरी की घटना पर गैरजिम्मेदाराना बयान दिए।

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