
बीजेपी नेता पर AK-47 से हमला, सभी 7 घायलों की हालत गंभीर
11 साल बाद यूपी में बीजेपी नेता पर ही चली AK-47
नई दिल्ली: दिल्ली के पास गाजियाबाद के मुरादनगर में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी और यूपी बीजेपी नेता बृजपाल तेवतिया पर गुरुवार शाम AK-47 राइफल से अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला कर दिया, जिसमें तेवतिया सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इससे पहले साल 2005 में यूपी में AK-47 की गूंज सुनाई दी थी. खास बात ये है कि आज से 11 साल पहले यानी साल 2005 में यूपी में AK-47 की गूंज बीजेपी विधायक कृष्णा राय की हत्या के दौरान सुनाई दी थी. इसके बाद ये पहली बार है जब यूपी में AK-47 से गोली चली है. आपको बता दें कि बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या 29 नवंबर 2005 में हुई थी. उस समय हमलावरों ने करीब 250 गोलियां चलाई थीं. कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी पर लगा था.
AK-47 राइफल से चलाई 100 गोलियां
मामला गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के रावली मार्ग का है जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजपाल तेवतिया पर अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए करीब 100 गोलियां चलाईं. हालांकि बीजेपी नेता बृजपाल तेवतिया बच गए और अभी नोएडा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है लेकिन उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. आपको बता दें कि यूपी में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजपाल तेवतिया पर हुए इस हमले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है.खबरों के मुताबिक हमलावरों का पुलिस से सामना हुआ लेकिन वो भागने में कामयाब रहे. घटना के बाद मेरठ जोन के आईजी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए.
सामने वाले शीशे पर चली 21 गोलियां
कार के अंदर की तस्वीरें तो और दिल दहला देने वाली हैं. बीजेपी नेता बृजपाल तेवतिया गोलियों से छलनी हो चुकी इसी स्कॉर्पियो कार में सवार थे. इस दौरान करीब 100 गोलियां चलीं. जिसमें से 21 गोलियां तो सामने वाले शीशे पर चली और 5 गोलियों से स्कॉर्पियो का बोनट छलनी हो गया. फॉर्च्यूनर कार में सवार हमलावरों ने तेवतिया की गाड़ी को ओवरटेक किया और गोलियां बरसाने लगे. खबरों के मुताबिक हमला करने के बाद हमलावर चालाकी से कार छोड़ कर ऑटो में बैठ गए थे.हालांकि ऑटो की चेकिंग के दौरान पुलिस का सामना हमलावरों से हुआ लेकिन वहां पुलिस पर भी फायरिंग करके वो भागे, गनीमत रही की पुलिसवाले बच गए.
कौन हैं बृजपाल तेवतिया?
गाजियाबाद के महरोली गांव के रहने वाले बृजपाल तेवतिया जाट नेता हैं. उन्होंने पहले लोकदल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और फिर बीजेपी में आएं. तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ के करीबी होने के कारण साल 2012 में बीजेपी ने बृजपाल तेवतिया को मुरादनगर से लड़ाय़ा था लेकिन वो 5 हजार वोटों से हार गए और तीसरे स्थान पर रहे.आपको बता दें कि बृजपाल का विवादों से पुराना नाता है. इसके पहले अपने ही गांव के पूर्व पुलिस कांस्टेबल सुरेश दीवान की हत्या में बृजपाल का नाम आया और बृजपाल को जेल भी जाना पड़ा. हालांकि अब लोग उसे पुरानी बात कह कर भूलने की बात कहते है लेकिन बताया जाता है कि ये रंजिश जमीन के मुआवजे को लेकर हुई थी.
सुरेश दीवान की हत्या के बाद सुरेश का करीबी और उस समय का यूपी का मोस्ट वांटेट राकेश हसनपुरिया और बृजपाल की ठन गयी. कुछ सालों बाद पुलिस ने राकेश का एनकाउंटर कर दिया, बृजपाल पर तब भी आरोप लगा कि एनकाउंटर में मुख्य भूमिका बृजपाल ने ही निभायी थी. पुलिस राकेश की पत्नी सुनीता से पूछताछ कर रही है जो अभी बागपत में पुलिस कांस्टेबल है.हालांकि बृजपाल इन सभी आरोपों से अलग अपने को आर्थिक और राजनैतिक रूप से मजबूत करते रहे और इस बार भी बृजपाल के समर्थकों को उम्मीद थी की यूपी चुनाव में बृजपाल को ही बीजेपी का टिकट मिलेगा.