अजब-गजब

बीफ बेचने के शक में मुस्लिम आदमी को भीड़ ने पीटा, और खिलाया सुअर का मांस

असम में एक मुस्लिम शख्स की कथित तौर पर बीफ बेचने के लिए मारपीट की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के बिस्वानाथ जिले में रविवार को यह घटना हुई. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.

वीडियो में शख्स घुटने के बल बैठकर भीड़ से छोड़ देने का अनुरोध कर रहा है. हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है.सूत्रों के मुताबिक, 68 वर्षीय शौकत अली को सड़क किनारे पीटा गया और उसे सजा के तौर पर सुअर का मांस खाने पर मजबूर किया गया. फिलहाल, उसका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने द हिंदू से बताया, हमने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बाजार से दो कमिटी नेता समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया था. कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर के सेक्शन 107 के तहत, गुड बिहैवियर बॉन्ड पर साइन करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.
जिला पुलिस के मुताबिक, दो अलग-अलग FIR दर्ज कर ली गई है. एक रिपोर्ट कमल थापा ने और दूसरी शौकत अली के भाई ने दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की तलाश की जा रही है.

वीडियो में भीड़ शौकत अली को धमकाते हुए पूछती है कि क्या उसके पास बीफ बेचने का लाइसेंस है और क्या वह बांग्लादेश से है?भीड़ में से आवाज आती है, क्या तुम बांग्लादेशी हो? क्या तुम्हारा नाम NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स) में है? असम में अवैध रूप से बसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एनआरसी लागू किया जा रहा है. पिछले साल इसका अंतिम ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया था जिसमें 40 लाख लोगों के नाम शामिल थे.

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, शौकत एक बिजनेसमैन है और पिछले 35 सालों से वहां दुकान चला रहा है. भीड़ को शक था कि वह साप्ताहिक बाजार में बीफ बेच रहा था.हालांकि, स्थिति तब बदतर हो गई जब कुछ अराजक तत्वों ने शौकत के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे पोर्क खाने पर मजबूर किया.

असम में बीफ पर प्रतिबंध नहीं है, पशु को मारने से संबंधित नियम ‘असम कैटल प्रिजर्वेशन ऐक्ट, 1950’ के तहत आते हैं. कानून के तहत, 15 वर्ष से ऊपर उम्र के जानवरों को मारने की अनुमति है.

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