
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरोइन तस्करी का पर्दाफाश कर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है, लेकिन इसके साथ ही तस्करी के नए तरीके का भी खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अफगानिस्तान में हेरोइन को केमिकल में डालकर उसका घोल बना लेते थे। इसके बाद घोल में जूट की बोरी डाल देते थे। बोरी पूरे घोल को सोख लेती थी। इसके बाद आरोपी इस बोरी में हींग आदि मसाला भारत भेजते थे। मसाला होने की वजह से हेरोइन की स्मैल किसी को नहीं आती थी। बोरी से मसाला निकलने के बाद आरोपी बोरी को जामिया नगर स्थित यूनिट में ले जाकर विशेष तरीके के केमिकल में डालते थे।
केमिकल फिर से हेरोइन को सोख लेता था। फिर इस घोल को दूसरे केमिकल डालकर सुखाते थे। इसके बाद हेरोइन फिर से बन जाती थी। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार दूसरे देश से हेरोइन लाने का यह तरीका पहली बार सामने आया है।
एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनीज राजैन, रविंद्र जोशी व विनोद बडोला की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनसे हेरोइन को फिर से तैयार करने के उपकरण, केमिकल व चार लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। इसके अलावा दो सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 20 कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
रहमत गुल को यूनिट के लिए विशेष रूप से बुलाया गया था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिनवारी रहमत गुल(30) लगातार भारत आता रहता था। उसे अफगानिस्तान की हेरोइन फैक्टरी में काम करने का अनुभव है। इस सिंडिकेट ने उसे यूनिट में फिर से हेरोइन तैयार करने के लिए भारत बुलाया गया था। अख्तर उसकी सहायता करता था। धीरज एक्सपर्ट ड्राइवर था। बाकी दोनों हेरोइन सप्लाई करते थे।