
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इसके बाद भी समाजवादी पार्टी में मचे घमासान का कोई अंत नजर नहीं दिख रहा। रोज इसको समाप्त कराने के प्रयास हो रहे हैं।
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी के शीर्ष परिवार में रार समाप्त कराने के प्रयास अभी जारी है। जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोडऩे को तैयार नहीं है, वहीं पार्टी के अन्य दिग्गज किसी भी कीमत पर अब रार को समाप्त करने में लगे हैं।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इसके बाद भी समाजवादी पार्टी में मचे घमासान का कोई अंत नजर नहीं दिख रहा। शिवपाल सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के अलावा रामगोपाल यादव में सीधे तौर पर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। दो फाड़ होने की कगार पर खड़ी पार्टी को बचाने की कोशिशें हालांकि जारी है लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं निकल पाया है। लगी थी। शिवपाल यादव लगभग एक घंटे तक मुलायम सिंह के आवास पर रहे और दोनों नेताओं के बीच बातचीत होती रही। रोज इसको समाप्त कराने के प्रयास हो रहे हैं। कल के बाद आज भी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास पर नेता जमे हैं। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अपने सरकारी आवास पर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।
पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कल जहां पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के आवास पर आधा दर्जन बार गए, वहीं आज भी दस बजे वार्ता करने के लिए वह पार्टी के मुखिया के आवास पर जमे हैं। उनके साथ कार में पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, नारद यादव व ओम प्रकाश सिंह भी मुलायम सिंह यादव के आवास पर पहुंचे हैं। सभी नेता एक ही कार में पहुंचे हैं। इनके बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय भी पहुंचे। यह सब पार्टी के मुखिया के साथ बैठक कर ही रहे थे कि कैबिनेट मंत्री आजम खां भी बैठक में शामिल हो गए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी दस बजे ही अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर पहुंच गए हैं। इसके बाद कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी तथा एक दर्जन जिलों के अध्यक्ष व अन्य नेता भी वहां पहुंचे हैं। इनके बीच भी अखिलेश यादव के साथ वार्ता का दौर जारी है।
समाजवादी परिवार में कल सुलह समझौते की काफी कोशिश हुई। कल ही मुलायम सिंह यादव के साथ पार्टी के दिग्गजों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। इसके बाद भी नतीजा सिफर ही रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के खेमा में तनातनी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कल रात 12 बजे तक मुलायम के आवास पर बैठक होती रही। अखिलेश और मुलायम के बीच मध्यस्थता कर रहे आजम खां भी 12 बजे मुलायम आवास से निकले।
इसके बाद आज भी मान मनौव्वल का दौर जारी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कुछ तकनीकी कारण बताकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को छोडऩे तो तैयार नहीं हैं। मुलायम सिंह यादव उनके इस हठ को अपना अपमान मान रहे हैं। लंबे समय बाद कल पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा सीएम के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने भी मुख्यमंत्री के साथ भेंट करने के बाद सुलह का प्रयास किया था। माना जा रहा है कि शिवपाल ने सीएम अखिलेश यादव को अपने तथा अमर सिंह के इस्तीफा की जानकारी भी दी थी। इस पर भी अखिलेश यादव तैयार नहीं हुए। अब भी अखिलेश यादव हर हाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद अपने पास रखना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि इस्तीफा के बाद अमर सिंह को सपा से बाहर करने का ऐलान हो और शिवपाल सिंह यादव प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ दें।