भारत ने की बेनिन को 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा देने की पेशकश

कोटोनोऊ : बेनिन को भारत ने विकास परियोजनाओं के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा देने की पेशकश की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बेनिन के अपने समकक्ष पैट्रिस टालोन के साथ व्यापार, रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। कोविंद पश्चिम अफ्रीकी राष्ट्र की यात्रा करने वाले पहले भारतीय राष्ट्र अध्यक्ष हैं। राष्ट्रपति भवन में कोविंद का औपचारिक स्वागत किया गया। कोविंद तीन देशों की यात्रा पर हैं और इस यात्रा के पहले चरण के तहत रविवार को यहां पहुंचे थे। प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ‘‘ मैंने राष्ट्रपति टालोन के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हम दोनों ने आर्थिक संबंधों पर विशेष ध्यान देने के साथ अपने संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।’’ दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, निर्यात ऋण और निवेश बीमा में सहयोग, ई-वीबीएबी नेटवर्क परियोजना, भारतीय राजनयिक/अधिकारी पासपोर्ट के लिए वीजा छूट पर चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। कोविंद ने कहा, ‘‘बेनिन में विकास परियोजनाओं का वित्तपोषण करने के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की नई ऋण सुविधा की पेशकश की है।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और समुद्री डकैती के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक साथ खड़े हैं।
भारत ने समुद्री डकैती रोधी क्षमता का विस्तार करने के लिए बेनिन को और प्रशिक्षण सहायता की पेशकश की। वे अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के जरिए जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए साथ काम करने को भी सहमत हुए। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारतीय सहायता से वित्तपोषित की जा रही परियोजनाओं का जायजा लिया और आशा व्यक्त की कि वे जल्द ही पूरी हो जाएंगी, विशेषकर बेनिन में 103 गांवों में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति करने की परियोजना। उन्होंने कहा कि बीते 10 बरस में द्विपक्षीय कारोबार 35 करोड़ डॉलर से बढ़कर 80 करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गया। इसी के साथ भारत बेनिन का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार हो गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए बेनिन का आभार जताया। अब वह पोर्टो नोवो की यात्रा करेंगे जहां बेनिन की संसद है और वहां नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। कोविंद गाम्बिया के लिए रवाना होने से पहले 30 जुलाई को कोटोनोऊ में उनके सम्मान में आयोजित एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे।