कर संधि के दुरुपयोग को रोकने का उपाय करेंगे: मोदी

पोर्ट लुई [मारीशस] : भारत और मारीशस दोनों देशों के बीच दोहरे कराधान से बचाव की संधि [डीटीएए] का दुरुपयोग रोकने के लिए मिलकर काम करेंगे। यह घोषणा गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। दोनों देश मौजूदा कर संधि की समीक्षा के लिए बातचीत आगे बढा़ने पर सहमत हुए है। यह समीक्षा लम्बे समय से प्रतीक्षित है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मारीशस यात्रा में मेजबान देश को आश्वस्त किया है कि भारत ऐसा कुछ भी नहीं करेगा, जिससे उसके जगमगाते वित्तीय क्षेत्र को नुकसान हो। मोदी ने मारीशस को भारत के सबसे करीबी रणनीति भागीदारों में से एक बताया। मारीशस की दो दिन की यात्रा पर आए मोदी ने यहां देश की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा, हम दोहरे कराधान से बचाव की अपनी आपसी संधि के दुरुपयोग को रोकने के उपाय करेंगे जो हमारा साक्षा उद्देश्य है। कंपनियों पर अक्सर आरोप लगता है कि वे मारीशस के जरिए भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश [एफडीआई] के नाम पर कालेधन का शोधन करती है। दोनों देशों की सरकारें इस प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के बारे में बात करती रही हैं।
काला धन वापस लाने और कर चोरी के लिए मारीशस का दुरुपयोग करने से जुड़ी भारत की आशंका के बीच द्विपक्षीय कर संधि में संशोधन पर वार्ता काफी समय से अधर में लटकी है। प्रधानमंत्री मोदी और उनके मेजबान सर अनिरद्ध जगन्नाथ पिछली रात को अपनी बैठक के दौरान दोहरे कराधान से बचाव की संधि [डीटीएटी] के लंबित संशोधन पर वार्ता आगे बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने सांसदों से कहा कल मैंने प्रधानमंत्री जगन्नाथ से कहा कि हम आपकी अर्थव्यवस्था के लिए अपतटीय बैंकिंग क्षेत्र के महत्व को समझते हैं। हमें भारत पर इसकी निर्भरता के बारे में भी पता है। मोदी ने आज अपने संबोधन में सांसदों को आश्वस्त किया हम अपने सबसे करीबी रणनीतिक भागीदारों में से एक के इस गतिशील क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ भी नहीं करेंगे। जगन्नाथ ने कल कहा था कि उन्होंने मोदी के सामने मारीशस-भारत दोहरे कराधान से बचाव की संधि [डीटीएए] से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत ने 2017 तक गार के कार्यान्वयन को टाल दिया है। मैंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया है कि वे डीटीएए को अपना पूरा समर्थन दें, क्योंकि यह हमारे वैश्विक कारोबार क्षेत्र के लिए बेदह महत्वपूर्ण है। मोदी ने अपने जवाब में कहा कि दोनों पक्ष समझौते का दुरपयोग रोकने के लिए साक्षा उद्देश्यों पर आधारित संशोधित संधि के लिए समझौता जारी रखने पर सहमत हो गए हैं। मोदी ने सांसदों से कहा मारीशस के साथ विकास भागीदार बने रहना सौभाग्य की बात रही। हम आपकी इच्छा के मुताबिक और भी कुछ करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।