मटके का पानी पीने के ये हैं जबरदस्त फायदे, नही जानते होंगे आप…

आज तक आपने मटके का पानी पीने के कई फायदे सुने होंगे। इसका पानी सभी लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पर क्या आप जानते हैं मिट्टी के घड़े का पानी शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाने से लेकर एसिडिटी की छुट्टी कर देने जैसे कई जादुई गुणोंं से भरपूर होता है। आइए जानते हैं मटके के पानी के ऐसे ही कुछ जादुई फायदों के बारे में…
विषैले पदार्थ सोखने की शक्ति
मिटटी में अशुद्धियों को शुद्ध करने का गुण होता है। जिसकी वजह से यह सभी विषैले पदार्थ सोख लेती है। इसके अलावा यह पानी में सभी जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों को मिलाने का काम भी करती हैं। जिसकी वजह से पानी का सही तापमान बना रहता है, ना बहुत अधिक ठंडा ना गर्म।
टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है
नियमित रूप से घड़े का पानी पीने से इम्युनिटी अच्छी होती है। प्लास्टिक की बोतल में पानी भरकर रखने से उसमें प्लास्टिक की अशुद्धियां इकट्ठी हो जाती हैं जिसकी वजह से पानी अशुद्ध हो जाता है। खास बात यह है कि घड़े में पानी स्टोर करके पीने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी बढ़ जाता है।
घड़े की मिट्टी में मौजूद क्षारीय (एल्कलाइन) गुण उसमे रखे पानी में मिल जाते हैं। क्षारीय पानी की अम्लता के साथ प्रभावित होकर, उचित पीएच संतुलन को भी मेंटेन रखता है। इस पानी को पीने से एसिडिटी ठीक होने के साथ पेट के दर्द में भी राहत मिलती हैं।
गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से गले और शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसा करने से गले की कोशिकाओं का ताप अचानक गिर जाता है जिसकी वजह से कई परेशानियां उत्पन्न हो जाती है। ठंडा पानी पीने से गले का पकने और ग्रंथियों में सूजन आने लगती है। जबकि घडें का पानी गले पर अपना सूदिंग इफेक्ट बनाए रखता है।
बर्फीला पानी पीने से कब्ज हो जाती है तथा अक्सर गला खराब हो जाता है। मटके का पानी बहुत अधिक ठंडा ना होने से वात नहीं बढाता, इसका पानी संतुष्टि देता है। मटके को रंगने के लिए गेरू का इस्तेमाल होता है जो गर्मी में शीतलता प्रदान करता है। मटके के पानी से कब्ज, गैस,गला खराब होना आदि रोग नहीं होते।