महालक्ष्मी एक्सप्रेस में 2 हजार यात्री फंसे, हेलिकॉप्टर और नाव से रेस्क्यू ऑपरेशन

मुम्बई : महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। मुम्बई से 100 किमी दूर बदलापुर-वंगानी के बीच बाढ़ के चलते महालक्ष्मी एक्सप्रेस में करीब 2000 यात्री फंसे हुए हैं। शुक्रवार देर रात 3 बजे से फंसे यात्रियों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर और नाव से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा। वहीं, मुम्बई में भारी बारिश के कारण कई इलाकों जलभराव के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। यहां पिछले 24 घंटों में करीब 18 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार सुबह छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एमआईएएल) के पब्लिक रिलेशन अधिकारी के मुताबिक, 7 फ्लाइट रद्द कर दी गईं, जबकि 9 को डायवर्ट किया गया। अन्य उड़ानों में औसतन 30 मिनट की देरी हो रही।
वहीं, कल्याण से कर्जत की सभी ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया। मुम्बई पुलिस ने कहा कि हम यात्रियों से अनुरोध करते हैं कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों में न जाएं। समुद्र से दूरी बनाए रखें। किसी भी मदद के लिए हमें 100 नम्बर पर फोन करें। एयरपोर्ट के अधिकारी ने कहा कि खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी कम होने से उड़ानों पर प्रभाव पड़ा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान रायगढ़, सिंधु दुर्ग और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुम्बई, नवी मुम्बई, ठाणे, पालघर में 26 और 28 जुलाई को रेड अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार घंटों में ठाणे, रायगढ़ और मुम्बई में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की सम्भावना है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र और पानी भरे हुए इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। 26 जुलाई 2005 को हुई बारिश में मुंबई में 400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। अद्यौगिक इकाइयों समेत एयरपोर्ट और बंदरगाह कई दिनों तक बंद कर दिए गए थे।