राष्ट्रीय

महिला आरक्षण पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- नारी शक्ति को मिलेगा राजनीतिक अधिकारों में नया विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को लेकर अपने ब्लॉग में देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं को अब राजनीतिक और विधायी संस्थाओं में उनका उचित स्थान मिलना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस दिशा में संसद से ऐतिहासिक कदम उठाने की अपील की है।

लोकतंत्र को अधिक प्रतिनिधिक बनाने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत 21वीं सदी की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। आने वाला समय देश के लोकतंत्र को और मजबूत करने वाला है, जहां समानता, समावेशन और जनभागीदारी को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद को ऐसा निर्णय लेना चाहिए, जिससे लोकतंत्र और अधिक व्यापक और प्रतिनिधिक बन सके।

त्योहारों और ऐतिहासिक अवसरों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने देशभर में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों का जिक्र करते हुए सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह समय उत्सव, सकारात्मकता और नई ऊर्जा से भरा हुआ है। साथ ही उन्होंने महात्मा फुले की 200वीं जयंती और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती का उल्लेख करते हुए सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को याद किया।

महिला आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा प्रस्ताव केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई शक्ति देगा और लोकसभा व विधानसभाओं में उनकी मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करेगा।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है नारी शक्ति
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता, खेल, सशस्त्र बल और कला जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, संतुलित और संवेदनशील बनती है।

राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी कम
उन्होंने माना कि पिछले वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन राजनीतिक संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी उनकी भूमिका के अनुरूप नहीं है। इस असंतुलन को दूर करना समय की जरूरत है।

2023 में पारित हुआ नारी शक्ति वंदन अधिनियम
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था, जिसे उन्होंने अपने जीवन के सबसे विशेष क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि अब 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण के प्रावधानों को लागू किया जाना चाहिए।

संविधान की भावना से जुड़ा है फैसला
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को विधायी संस्थाओं में स्थान देना संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। यह समानता को व्यवहार में उतारने और एक संतुलित समाज के निर्माण की दिशा में अहम कदम होगा।

सभी दलों से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री ने इसे किसी एक दल या सरकार का मुद्दा नहीं बताते हुए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करेगा और लोकतंत्र को अधिक न्यायपूर्ण व समावेशी बनाएगा।

Related Articles

Back to top button