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मारे गए आतंकी के वेस्ट पर लिखा था जमात-उद-दावा: निंभोरकर

nasa-pics-of-india-and-pak-borders-56136c51e298b_exlstतीन दिसंबर को पुंछ में सेना द्वारा मार गिराए गए लश्कर के तीन आतंकियों में से एक जमात-उद-दावा (जेयूडी) का सदस्य था। सेना की 16 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंभोरकर ने विजय दिवस पर नगरोटा सैन्य कैंप में आयोजित समारोह के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की।

कहा कि ढेर किए गए आतंकियों में से एक की वेस्ट (कमर से ऊपर बिना बाजू के पहना हुआ कपड़ा) पर जमात-उद-दावा लिखा था। साथ ही इस बात की भी जानकारी दी कि उनके पास से बरामद खाद्य पदार्थों पर पाकिस्तान के लेबल लगे थे। तीनों आतंकी लश्कर ए तैयबा से ताल्लुक रखते थे।

जीओसी का कहना था कि मारे गए आतंकियों के कपड़ों से यह स्पष्ट है कि अमेरिका द्वारा हाफिज सईद का जमात-उद-दावा संगठन अभी भी पाकिस्तान में सक्रिय है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका द्वारा भी जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन घोषित कर दिया गया है।

जीओसी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) पर कितना सक्रिय है, अभी कहना मुश्किल है। हालांकि, उसके संगठन से जुड़े आतंकी पीओके से लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।

कहा, कि हमारे जवान उनकी हर कोशिश को नाकाम कर रहे हैं। सर्दी के पहले घुसपैठ के संबंध में जीओसी का कहना था कि मौसम बदलने के साथ सेना की रणनीति बदल जाती है। सेना का सुरक्षा ग्रिड बहुत मजबूत है और अपने स्थान पर पूरी तरह मुस्तैद है।

आतंकियों से कैसे निपटना है, इससे हमारे जवान अच्छी तरह वाकिफ हैं। पीओके में आतंकियों के लांचिंग पैड पर उन्होंने कहा, ‘मैं उनकी नब्ज पर अपना अंगूठा नहीं रखना चाहता। हां, एलओसी के पार लांचिंग पैड सक्रिय हैं।

इस्लामिक स्टेट (आईएस) की ओर से सोशल साइट व अन्य तरह से कश्मीर के युवाओं को निशाना बनाए जाने के संबंध में जीओसी ने कहा कि ऐसी जानकारियां आ रहीं हैं और इन पर पैनी नजर रखनी है कि युवा वर्ग उसका शिकार न बनें।

एक सैन्य जवान के आईएसआई के एजेंट के रूप में गिरफ्तारी पर निंभोरकर ने कहा कि दुश्मन हमेशा से ऐसी कोशिशें करता रहता है ताकि वह हमारी सुरक्षा संबंधी जानकारियां हासिल कर सके। मामला सामने आने पर सेना की ओर से भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

 

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