मारे गए आतंकी के वेस्ट पर लिखा था जमात-उद-दावा: निंभोरकर


कहा कि ढेर किए गए आतंकियों में से एक की वेस्ट (कमर से ऊपर बिना बाजू के पहना हुआ कपड़ा) पर जमात-उद-दावा लिखा था। साथ ही इस बात की भी जानकारी दी कि उनके पास से बरामद खाद्य पदार्थों पर पाकिस्तान के लेबल लगे थे। तीनों आतंकी लश्कर ए तैयबा से ताल्लुक रखते थे।
जीओसी का कहना था कि मारे गए आतंकियों के कपड़ों से यह स्पष्ट है कि अमेरिका द्वारा हाफिज सईद का जमात-उद-दावा संगठन अभी भी पाकिस्तान में सक्रिय है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका द्वारा भी जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन घोषित कर दिया गया है।
कहा, कि हमारे जवान उनकी हर कोशिश को नाकाम कर रहे हैं। सर्दी के पहले घुसपैठ के संबंध में जीओसी का कहना था कि मौसम बदलने के साथ सेना की रणनीति बदल जाती है। सेना का सुरक्षा ग्रिड बहुत मजबूत है और अपने स्थान पर पूरी तरह मुस्तैद है।
आतंकियों से कैसे निपटना है, इससे हमारे जवान अच्छी तरह वाकिफ हैं। पीओके में आतंकियों के लांचिंग पैड पर उन्होंने कहा, ‘मैं उनकी नब्ज पर अपना अंगूठा नहीं रखना चाहता। हां, एलओसी के पार लांचिंग पैड सक्रिय हैं।
एक सैन्य जवान के आईएसआई के एजेंट के रूप में गिरफ्तारी पर निंभोरकर ने कहा कि दुश्मन हमेशा से ऐसी कोशिशें करता रहता है ताकि वह हमारी सुरक्षा संबंधी जानकारियां हासिल कर सके। मामला सामने आने पर सेना की ओर से भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।