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मुंबई: राहुल गांधी को मानहानि मामले में कोर्ट से राहत नहीं, अर्जी खारिज

मुंबई की एक अदालत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी की उस अपील को खारिज दी है जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) के एक कार्यकर्ता की ओर से उनके खिलाफ दाखिल मानहानि से संबंधित एक केस को खारिज करने की कोर्ट से अपील की गई थी.

दरअसल सीताराम येचुरी और राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जोड़ दिया था. इस बयान के खिलाफ संघ कार्यकर्ता और वकील ध्रुतिमान जोशी ने एक शिकायत दायर की थी, जिसमें सीताराम येचुरी और राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने की अपील की गई थी. इस मामले में अगली सुनवाई अब 6 जनवरी को होगी.

कोर्ट ने सीताराम येचुरी और राहुल गांधी की अलग-अलग याचिकाओं को संयुक्त कर दिया है, जसमें राहुल गांधी ने कहा था कि उनके और सीताराम येचुरी के खिलाफ मामलों को जोड़ना गलत है.

गौरतलब है कि सीताराम येचुरी और राहुल गांधी अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के व्यक्ति हैं. दोनों की विचारधराएं अलग-अलग हैं. सीताराम येचुरी ने इसी का जिक्र करते हुए मानहानि संबंधित याचिका को अदालत से खारिज करने का आरोप लगाया था. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पीआई मोकाशी ने राहुल गांधी और सीताराम येचुरी की अर्जी खारिज कर दी.

गौरतलब है कि जुलाई में सीताराम येचुरी और राहुल गांधी ने मानहानि आरोप को लेकर खुद को निर्दोष बताया था जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी. पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या सितंबर 2017 में हुई थी. उन्हें गोली मारी गई थी.

ध्रुतिमान जोशी का दावा है कि गौरी लंकेश की मौत के 24 घंटे के भीतर ही राहुल गांधी ने कहा था कि जो कोई भी भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की विचारधारा, आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ बोलता है, उस पर दबाव बनाया जाता है, पीटा जाता है, हमला किया जाता है और उसकी हत्या तक कर दी जाती है.

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीताराम येचुरी ने भी कहा था कि वह आरएसएस की विचारधारा और आरएसएस के लोग थे, जिन्होंने लंकेश की हत्या की जिन्हें दक्षिणपंथी राजनीति की कटु आलोचक के तौर पर जाना जाता था.

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