
इतना ही नहीं, सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि पीडीएफ नेताओं ने आलाकमान से साफ तौर पर कह दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम पार्टी नेताओं की ओर से पीडीएफ को लेकर लगातार की जा रही अनाप-शनाप बयानबाजी पर रोक नहीं लगाई गई तो समर्थन वापसी पर भी विचार किया जा सकता है। पीडीएफ नेताओं से कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात के दौरान साफ तौर पर कहा कि उन्होंने 2012 में कांग्रेस सरकार को तमाम राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और समझौता होने के बाद समर्थन दिया था। तब से अब तक इसे लगातार जारी रखा है।