

छह लड़कियो को छुड़ाने व सरगना शेरू को पकड़ने के लिए टीम रवाना की गई है। इस मामले में कुल 7 लड़कियों को लाया गया,जो सभी नाबालिग हैं। इनमें बालोद की एक, कोरबा की 3 और तीन चांपा जांजगीर की हैं। जहां सेलड़कियों को गिरफ्तार किया गया वहां नेपाल और उत्तरांचल क्षेत्र की भी लड़कियां मिली हैं। अभी छत्तीसगढ़ से और लड़कियों के शामिल होने की सम्भावना है।
पुलिस के अनुसार नाबालिग लड़कियो को पैसे कमाने का जरिया बनाया गया था। जवाहरपारा की धनेश्वरी देवार इसकी मुख्य सूत्रधार थी जो वैसे तो भीख मांगने का काम करती थी,किन्तु इसकी आड़ में वह ऐसी गरीब लड़कियों पर नजर रखती थी जिन्हें डान्स सिखाने का ऑफर देकर अच्छे काम में लगाने का लालच दिया जाता था। इसके बाद इन लड़कियों को देह व्यापार के घिनोने कार्य में लगाने का काम सुरेश सोनकर नामक दलाल और इलाहाबाद में अपनी बहन पायल के माध्यम से करवाया जाता था। पीड़ित लड़कियों को मुक्त करवा लिया गया है।
पीड़ित लड़कियों ने इन दरिंदो के दहला देने वाले कृत्य को अपने मुख से बताया, जिसमें प्रमुख रूप से उनका सौदा कर बेच देना ,खाने में नशीली गोलियों का सेवन करवाना, जबरदस्ती डांस के बहाने व्यभिचार के कार्यो में लगवा देना , आये दिन मारपीट करना आदि रोज का काम था।