यहां लग्जरी गाड़ियों से आते अपराधी, खूब करते अय्याशी


ओमैक्स रेजीडेंसी के ऑर्चिड सी-603 अपराधियों के लिये मुफीद अड्डा था। बड़ी-बड़ी अपराधिक वारदातों को अंजाम देने के बाद अपराधी यहां शरण लेने आते थे। बाहुबली मंत्री और विधायक से कनेक्शन होने के चलते किसी की हिम्मत नहीं थी कि इस फ्लैट में आने-जाने वालों से कोई सवाल पूछ सके।
देर रात तक पार्टियां और शराब पीने के बाद हंगामा करने पर भी कोई उनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।
गेट पर सिक्योरिटी गार्डों ने बताया कि फ्लैट नंबर 603 में रहने वाले प्रधान विक्रम सिंह सपा का झंडा लगी काले शीशे वाली सफारी गाड़ी से चलते थे। इनसे मिलने वाले भी सपा का झंडा लगा गाड़ियों से ही आते थे।
लग्जरी गाड़ियां और सपा का झंडा लगा होने के नाते कोई उन्हें रोकने-टोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। पिछले तीन-चार महीने से उन लोगों का आना-जाना अधिक था।
जीआरपी के अधिकारियों के साथ क्राइम ब्रांच व पुलिस के अन्य अधिकारियों ने दोनों बदमाशों व उनके साथियों से गहन पूछताछ की। सभी का कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है।
जीआरपी की टीम ने पिस्टल समेत हत्थे चढ़े रोहित दुबे व अमित पांडेय से पूछताछ के साथ राजधानी के पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार अपनी टीम के साथ जीआरपी थाने पहुंचे।
इसके साथ सीओ कैसरबाग अभयनाथ त्रिपाठी व एसओ नाका धीरेंद्र कुमार यादव ने भी बदमाशों से गहन पूछताछ की।
विकासनगर में मुन्ना बजरंगी के साले पुष्पजीत सिंह व उसके दोस्त को सरेराह गोलियों से भूनने, गोमतीनगर में विज्ञापन कंपनी के एग्जीक्यूटिव रीतेश अवस्थी को सरेराह गोली मारकर हत्या व अन्य संगीन वारदातों से कड़ी जुड़ने की उम्मीद के चलते दोनों से गहन पूछताछ की।
जीआरपी के सिपाही आफाक अहमद ने टोका और तलाशी लेनी चाही तो बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात अंजाम दे डाली। हत्थे चढ़े बदमाशों ने कुबूला कि वह ही नहीं अनेक अपराधी चारबाग में मौजमस्ती करने आते हैं।
कई वारदात अंजाम दे चुके रोहित दुबे ने जीआरपी की पूछताछ में खुलासा किया कि कुर्की का नोटिस जारी होने से अमित पांडेय काफी परेशान था। इस पर दोनों लोग मौजमस्ती के इरादे से चारबाग आए थे।
बीयर पीने के बाद पसंदीदा कॉलगर्ल की तलाश में भटक रहे थे। वह अक्सर एनईआर के पूछताछ काउंटर से लेकर सामने स्थित डिवाइडर के बीच मिलती थी। उसे कभी होटल में ले जाता था तो कभी अपने ठिकाने पर ले जाता था। कई चक्कर काटने पर जीआरपी के दरोगा व सिपाही को शक हो गया।