
जयपुर का शाही परिवार भगवान श्री राम का वंशज है। इसका दावा खुद राजमाता पद्मिनी देवी ने एक अंग्रेजी चैनल को दिए इंटरव्यू में किया था। उन्होंने बताया था कि उनके पति भवानी सिंह भगवान राम के बेटे कुश के 309 वें वंशज थे।
जयपुर का शाही परिवार भगवान श्री राम का वंशज है। इसका दावा खुद राजमाता पद्मिनी देवी ने एक अंग्रेजी चैनल को दिए इंटरव्यू में किया था। उन्होंने बताया था कि उनके पति भवानी सिंह भगवान राम के बेटे कुश के 309 वें वंशज थे।
विवादों से रहा है नाता
महाराजा भवानी सिंह और रानी पद्मिनी देवी की बेटी दीया सिंह ने नरेंद्र सिंह से शादी की। नरेंद्र सिंह राजघराने से नहीं हैं। वह जयपुर राजघराने के ही कर्मी रहे हैं। इस वजह से खानदान के लोगों ने एक आम शख्स से शादी का विरोध किया था। यही नहीं, कोई बेटा ना होने की वजह से महाराजा भवानी सिंह ने दीया सिंह के बेटे पद्मनाभ सिंह को अपना उत्तराधिकारी चुना था। इस बात को लेकर भी विरोध हुआ।
प्रॉपर्टी विवाद
सवाई मान सिंह द्वितीय की तीसरी पत्नी गायत्री देवी के निधन के बाद संपत्ति को लेकर विवादों में यह राजघराना घिर चुका है। वहीं, दो साल पहले जयपुर डेवलप्मेंट अथॉरिटी ने होटल राजमहल पैलेस के गेट सील कर दिए थे जिसके विरोध में खुद राजमाता गायत्री देवी अपने नाती राजा पद्मनाभ सिंह के साथ सड़कों पर उतर आईं।