योग में टॉप किया, सजा पूरी होने से पहले छूटा रेप का दोषी

मुंबई। साल 2012 में अपने रिश्तेदार का रेप करने के जुर्म में नागपुर कोर्ट ने उसे जेल की सजा सुनाई थी। मगर, महाराष्ट्र जेल विभाग की ओर से आयोजित की गई योग की परीक्षा में टॉप करने के बाद उसे सजा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि शीतल कवाले को जेल की उसकी सजा पूरी होने से 40 दिनों पहले ही रिहा कर दिया गया। राज्य जेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उसने परीक्षा में डिस्टेंशन पाई थी और ऐसे में उसे सजा पूरी होने से 40 दिन पहले ही रिहा कर दिया गया।
साल 2011 में हमले के एक मामले में दोषी ठहराए गए दो अन्य दोषियों सचिन और बालू को भी योग परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उनकी सजा में छूट दी गई। उन्हें सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
जेल अधिकारियों के अनुसार, सचिन ने 100 अंकों की परीक्षा में 83 अंक और बालू ने 70 अंक हासिल किए थे। उन्हें क्रमश: सजा में 40 दिन और 30 दिन की छूट दी गई।
केंद्र सरकार ने पिछले साल हर राज्य से योग को प्रोत्साहित करने के लिए कहा था। ऐसे में राज्य की फडनवीस सरकार ने महाराष्ट्र के केंद्रीय कारागारों में योग परीक्षा लागू करने का फैसला किया था।
नागपुर के केंद्रीय कारागार में करीब 350 कैदी बंद हैं। विचाराधीन कैदियों सहित सभी कैदी रोजाना योग का अभ्यास करते हैं। मई 2016 और अक्टूबर 2015 में योग परीक्षा पास करने वाले करीब 136 कैदियों को इस साल तीन महीने पहले रिहा कर दिया गया।