

खास बातें
- बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती और उनके सांसदों ने रोहित वेमुला के मुद्दे पर बीजेपी को निशाने पर लिया। मायावती और स्मृति ईरानी के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस हुई। बीएसपी सांसदों ने बीजेपी के दो मंत्रियों बंडारू दत्तात्रेय और स्मृति ईरानी के इस्तीफे की मांग की।
- मायावती ने उच्च सदन राज्यसभा में हैदराबाद में आत्महत्या कर जान गंवाने वाले छात्र रोहित वेमुला के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया और सरकार पर आरोप लगाया कि ‘बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के अनुयायी’ रोहित को आत्महत्या करने के लिए विवश किया गया, क्योंकि आरएसएस की विचारधारा को जबरन थोपा जा रहा है। सदन के उपसभापति पीजे कुरियन के बार-बार कहने पर भी मायावती शांत नहीं हुईं और इसके बाद अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी नारेबाजी करते हुए सदन के वेल तक पहुंच गए।
- बीजेपी की ओर से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मायावती का जवाब देते हुए कहा, ‘एक बच्चे का राजनीतिक मोहरे (टूल) के तौर पर किसने उपयोग किया।’ उन्होंने इस मसले पर सदन में तुरंत बहस कराए जाने की मांग की।
- राज्यसभा में कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद ने बहस की शुरुआत की। जेएनयू में देश विरोधी नारों को लेकर छात्रों पर लगे देशद्रोह के आरोपों को लेकर वह पूरे विपक्ष को एकजुट करके सरकार को घेरने की तैयारी में दिखे। विपक्ष का मानना है कि सरकार देशद्रोह के कानून का गलत इस्तेमाल कर रही है।
- सरकार संसद में छात्रों पर लगे देशद्रोह के आरोपों को बचाव करेगी और बीजेपी के सांसद देश विरोधी नारेबीजी पर सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का जिक्र भी कर सकते हैं।
- मायावती ने साथ ही मांग की कि रोहित वेमुला और जेएनयू मामले पर एक साथ बहस नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे रोहित वेमुला का मुद्दा दब जाएगा। इस पर सभापति ने कहा कि उन्हें अलग से नोटिस देना होगा।
- सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जेएनयू मामले पर पार्टी के सांसदों को पूरी जानकारी दी। अरुण जेटली जानेमाने वकील हैं। देशद्रोह से संबंधित कानून और उससे जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं।