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रामकिशन ग्रेवाल शहीद कैसे, वो शहीद नहीं है: CM मनोहर लाल खट्टर

पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल की खुदकुशी पर विवाद बढ़ता ही चला जा रहा है। मामले में अब हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि शहीद वो होता है है जो सीमा पर शहीद होता है। आत्महत्या करने वाला कभी शहीद नहीं हो सकता।
इससे पहले रामकिशन के अंतिम संस्कार में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के पहुंचने के बाद बीजेपी की तरफ से कुछ ऐसे बयान आए जिन पर विवाद हो सकता है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह ने कहा कि रामकिशन एक कांग्रेस कार्यकर्ता थे। वहीं, हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि आत्महत्या करने वाले को शहीद का दर्जा नहीं दिया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा कि शहीद वे होते हैं, जो सीमाओं पर जान देते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी खुदकुशी भी जांच होनी चाहिए।
केजरीवाल ने बताया शहीद
बता दें कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने राम किशन को शहीद बताते हुए उनके घरवालों को एक करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। हालांकि, बीजेपी ने इस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने एक करोड़ की मदद पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टियां इस मुद्दे पर राजनीति कर रही हैं।
क्या कहा वीके सिंह ने
वीके सिंह ने कहा कि वह (राम किशन) एक कांग्रेस वर्कर थे, जिन्होंने पार्टी के टिकट पर सरपंच का चुनाव लड़ा था। उनका आत्महत्या करना दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर वो हमारे पास आते और मदद नहीं मिलती तब हमारी गलती मानी जाती। बता दें कि वीके सिंह अपनी एक फेसबुक पोस्ट को लेकर भी विवादों में हैं। विरोधियों का आरोप है कि अपनी पोस्ट में सिंह ने राम किशन के मानसिक हालत पर सवाल उठाए।

कांग्रेस ने किया हमला
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अगर वन रैंक वन पेंशन लागू हो गया तो लोग आत्महत्या क्यों कर रहे हैं? इससे जाहिर होता है कि मोदी जी झूठ बोल रहे हैं। मोदी सरकार को भारतीय सशस्त्र बलों और ग्रेवाल के मानसिक हालत पर सवाल उठाने के लिए उनके परिवार से माफी मांगनी चाहिए। राजनीति करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि हां, हम ग्रेवाल के परिवार और सेना के सम्मान को बचाने के लिए राजनीति करने के लिए तैयार हैं।
रक्षा मंत्री ने दी सफाई
वहीं, कश्मीर पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने ओआरओपी पर जारी विवाद के बीच सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इसे लागू करने का वादा पूरा किया। साथ ही कहा कि करीब एक लाख लोगों को अभी स्कीम का फायदा मिलना बाकी है। इसमें कुछ तकनीक मुद्दे हैं। हम जल्द ही पेपरवर्क निपटा लेंगे।