ज्ञान भंडार
रामपालः पहले सेवा करती थी सेविकाएं, जेल गए तो घट गया वजन


पहले सेवा करती थी सेविकाएं
संत रामपाल की बाबा बनने की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी है उनकी गिरफ्तारी के बाद सामने आई बातें भी। जी हां, बाबा रामपाल के सतलोक आश्रम स्थित उसके निजी कक्ष में छह सेविकाएं रहती थीं। रामपाल के अनुयायी मनोज ने पुलिस को यह जानकारी दी थी। इन सेविकाओं को रामपाल बहन कहकर पुकारता था। जानकारी के मुताबिक, रामपाल की 50 वर्षीय बहन राजबाला, जींद निवासी 55 वर्षीय सावित्री, गांव धनाना की 22 वर्षीय नीलम, सोनीपत की 30 वर्षीय गीता, बलजीत की बेटी बबीता और राजस्थान के अमेठ की 22 वर्षीय टीना के अलावा कोई महिला अनुयायी रामपाल के निजी कक्ष तक नहीं जा सकती थी।
संत रामपाल की बाबा बनने की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी है उनकी गिरफ्तारी के बाद सामने आई बातें भी। जी हां, बाबा रामपाल के सतलोक आश्रम स्थित उसके निजी कक्ष में छह सेविकाएं रहती थीं। रामपाल के अनुयायी मनोज ने पुलिस को यह जानकारी दी थी। इन सेविकाओं को रामपाल बहन कहकर पुकारता था। जानकारी के मुताबिक, रामपाल की 50 वर्षीय बहन राजबाला, जींद निवासी 55 वर्षीय सावित्री, गांव धनाना की 22 वर्षीय नीलम, सोनीपत की 30 वर्षीय गीता, बलजीत की बेटी बबीता और राजस्थान के अमेठ की 22 वर्षीय टीना के अलावा कोई महिला अनुयायी रामपाल के निजी कक्ष तक नहीं जा सकती थी।
धतूरे से बनी दवाई लेता था…
आश्रम में मौजूद पुरुष अनुयायियों में केवल मनोज ही रामपाल का ऐसा सेवक था जो रामपाल के निजी कक्ष तक पहुंच रखता था। मनोज ने खुलासा किया था कि रामपाल के खान-पान की व्यवस्था से लेकर दवाइयों तक की निगरानी उसी के जिम्मे थी। रामपाल काले और सफेद धतूरे से बनी दवाइयों का सेवन करता था।
आश्रम में मौजूद पुरुष अनुयायियों में केवल मनोज ही रामपाल का ऐसा सेवक था जो रामपाल के निजी कक्ष तक पहुंच रखता था। मनोज ने खुलासा किया था कि रामपाल के खान-पान की व्यवस्था से लेकर दवाइयों तक की निगरानी उसी के जिम्मे थी। रामपाल काले और सफेद धतूरे से बनी दवाइयों का सेवन करता था।