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शव के साथ रह रही थी मृतक की पत्नी और बेटी, मामले की जांच शुरू

कोलकाता: पड़ोसियों द्वारा पुलिस को खबर देने के बाद पुलिस ने मंगलवार देर रात को जांच की तो पाया कि दोनों महिलाएं, 78 वर्षीय दिग्विजय घोष के सड़े-गले शव के साथ रह रही थीं। श्यामपुकुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घोष बीमार था।

उन्होंने कहा, ‘वह कम से कम डेढ़ महीने पहले मर चुका था। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और कंकाल बाहर दिख रहा था।’ अधिकारी ने कहा, ‘मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हमने शव को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया है। हम मृतक की पत्नी और उसकी बेटी से पूछताछ कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं दोनों महिलाएं मानसिक रूप से अस्वस्थ तो नहीं हैं। उक्त दोनों महिलाओं ने पुलिस को अंदर आने से रोका था। वह सामान्य जीवन जी रही थीं जबकि शव उसी कमरे में बिस्तर पर पड़ा हुआ था।

अधिकारी ने कहा, ‘दरवाजे और खिड़कियां बंद थे और किसी को घर के भीतर आने नहीं दिया जाता था। मृतक की बेटी अपने पति के साथ नहीं रहती थी और कुछ सालों से अपने माता पिता के यहां रह रही थी। हम घटना की जांच कर रहे हैं।’

इस घटना ने रॉबिन्सन स्ट्रीट की यादें ताजा कर दी हैं जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर पार्थ डे नामक व्यक्ति ने अपनी बहन देवजानी डे के कंकाल के साथ छह महीने गुजारे थे।

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