

खबर मिलते ही आला अधिकारियों समेत शहर के तमाम डॉक्टर हॉस्पिटल पहुंच गए। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी। डॉक्टर के भाई प्रवीण बंसल की तहरीर पर कीडगंज थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस लिखा गया है। डीएम के आदेश पर डॉक्टरों की एक टीम बनाकर डॉक्टर बंसल के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
बता दें कि घटना गुरुवार देर शाम करीब पौने सात बजे की है जब बंसल कुछ ही देर पहले अपने चैंबर में आए थे। वह मरीजों को देख रहे थे तभी एक बदमाश दरवाजा खोलकर चैंबर में घुसा और बेहद करीब से डॉक्टर के सिर पर पिस्टल से फायर कर दिए। सिर में गोलियां धंसने पर खून से लथपथ डॉ.बंसल कुर्सी पर लुढ़क गए। फायरिंग से हॉस्पिटल में अफरातफरी मच गई।
वारदात के तरीके से तय है कि गोलियां किसी शार्प शूटर ने मारी हैं। फिलहाल अनुमान है कि किसी गिरोह को सुपारी देकर ड़ॉ.बंसल का कत्ल कराया गया है।
डॉ.बंसल का सीतापुर में महर्षि विश्वविद्यालय को लेकर कुछ लोगों से कई करोड़ रुपये का विवाद बना था। उन्होंने छह लोगों पर केस भी दर्ज कराया था। कत्ल के पीछे इस विवाद पर उन्हें कई बार मरीजों के तीमारदारों से भी धमकी मिली थी। यह पहलू है तो कमजोर मगर इस पर भी छानबीन की जा रही है।