

दरअसल, सपा में अब दो अध्यक्ष हो गए हैं। मुलायम और अखिलेश। दोनों ही खुद को असली सपा बता रहे हैं। जिस सम्मेलन में अखिलेश अध्यक्ष चुने गए, मुलायम उसे असंवैधानिक बता रहे हैं। वे इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र भेज चुके हैं। इसके विपरीत रामगोपाल का दावा है कि पूरी पार्टी अखिलेश के साथ है। इसकी सूचना जल्द ही चुनाव आयोग को भेज दी जाएगी। कानूनी जानकार मानते हैं कि किसी दल में विभाजन होने या अध्यक्ष पद पर विवाद होने पर निर्वाचन आयोग तय करता है कि असली पार्टी या अध्यक्ष कौन है?
अभी तो मुलायम अध्यक्ष, पिटीशन दायर हुआ तो जारी होगा नोटिस
राज्यपाल के सलाहकार रहे पूर्व जिला जज चन्द्रभूषण पांडेय का कहना है कि चुनाव आयोग में दाखिल पदाधिकारियों की सूची के मुताबिक तो मुलायम ही अभी सपा के अध्यक्ष हैं। अगर आयोग में पिटीशन दायर किया जाता है कि राष्ट्रीय सम्मेलन में अखिलेश को अध्यक्ष चुन लिया गया है तो आयोग मुलायम को नोटिस जारी करेगा।