
सरकारी योजनाओं में दिलचस्पी न लेना पड़ेगा महंगा
लखनऊ: सरकार की विकास योजनाओं में दिलचस्पी नहीं लेने वाले डीएम और कमिश्नर के रिपोर्ट कार्ड में अब बैड इंट्री की जाएगी। यह इंट्री सालाना मूल्यांकन के दौरान तैयार होने वाली रिपोर्ट कार्ड में होगी। इससे अधिकारियों को आगे चलकर विशेष लाभ भी नहीं मिलेगा। सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपी विधानसभा चुनाव में अब एक साल ही बाकी रह गया है। सीएम अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के बाकी समय में विकास के एजेंडे को महत्ता देने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीएम से जनता की जो उम्मीदें थी, उनपर वो खरा उतरे हैं। उनकी लोकप्रियता और जनता में बढ़ते विश्वास के पीछे यही कारण है कि जो वायदे उन्होंने किए थे उनको पूरा किया है। पांच साल के काम को सीएम ने तीन साल में ही पूरा कर एक रिकार्ड बनाया है।
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि यूपी के विकास एजेंडा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अब मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भी निर्देश जारी कर दिया गया है। उनका वार्षिक मूल्यांकन करते समय इस बात को ध्यान में रखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं को समय से पूरा करने उनका कितना योगदान रहा। सीएम अखिलेश शुरू से ही विकास और जनहित के कार्यों पर जोर देते रहे हैं। समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को विकास कार्यों का लाभ पहुंचाना यूपी सरकार की प्राथमिकता है।