
नई दिल्ली। कैशलेस इकोनॉमी को लेकर सरकार लगातार कदम उठा रही है और नई-नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने उस अध्यदेश को मंजूरी दे दी है जिसके चलते कर्मचारियों को अब कैश सैलरी नहीं मिलेगी।
बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया गया है। इसके बाद अब कंपनियों को अपने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को या तो उनके खाते या फिर चेक के माध्यम से तनख्वाह देना पड़ेगा। इस अध्यादेश पर मुहर लगने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करते ही यह अध्यादेश नियम के रूप में लागू हो जााएगा।
जानकारी के अनुसार शीत सत्र में 15 दिसंबर को सरकार ने संसद में इसे लेकर विधेयक भी रखा था जिसे बजट सत्र में पारित करवाया जा सकता है।
लेकिन खबर है कि सरकार नए नियम को तत्काल लागू करने के लिए कानून में संशोधन को लेकर अध्यादेश ला सकती है जो 6 महीने वैध होता है।