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“सस्ते दर पर इंटरनेट उपलब्ध कराना “डिजिटल इंडिया” अभियान की प्राथमिकता”


प्रसाद ने एक साक्षात्कार में बताया कि लोगों तक सरकारी सेवाओं को सुलभता से पहुंचाने के लिए हाईस्पीड इंटरनेट की उपलब्धता सुनिश्चित कराना “डिजिटल इंडिया” अभियान के केन्द्र में है। सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल केबल के पहुंचने से 100 एमबीपीएस की स्पीड प्राप्त होगी जिसका इस्तेमाल इस अभियान के भागीदार सूचनाएं साझा करने के माध्यम के तौर पर कर सकेंगे।
केन्द्रीय मंत्री ने “डिजिटल इंडिया” अभियान को अगले तीन साल में लागू कर दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि मोबाइल कनेक्टिविटी इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार स्तंभ है। मोबाइल सेवा अब सूचनाएं प्राप्त करने एवं विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का लाभ उठाने का प्रमुख साधन बन चुका है। आने वाले समय में सभी सरकारी सेवाएं एवं सुविधाएं मोबाइल पर उपलब्ध होंगी।
प्रसाद ने कहा कि अभी तक 80700 किलोमीटर लाइनें बिछाई जा चुकी हैं और उसमें करीब 54300 किलोमीटर ऑप्टिकल केबल डाला जा चुका है। पिछले साल मई में नई सरकार के बनने तक मात्र दो हजार किलोमीटर लंबी लाइनें बिछी थीं और करीब 250 किलोमीटर ऑप्टिकल केबल बिछाया गया।
उन्होंने बताया कि केरल, चंडीगढ़ और पुड्डुचेरी राज्यों को पूरी तरह से भारतनेट के तहत लाया जा चुका है। इसके अलावा कर्नाटक राज्य के तीन जिलों में भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। प्रसाद ने कहा कि एक विशेषज्ञ समिति ने भारतनेट कार्यक्रम को लागू करने में तेजी लाने के लिए इसमें राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्रों को भागीदार बनाए जाने की वकालत की है।
उन्होंने कहा कि इसे लागू करने में तेजी लाने के लिए निजी कंपनियों को भागीदार बनाया जाना प्रस्तावित है। राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण तेजी आएगी। शहरी क्षेत्रों को “स्मार्ट वर्कप्लेस” बनाने के मद्देनजर इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नेटवर्क ऑपरेटरों को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है। नए शहरी क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों की नई इमारतों में संचार की आधारभूत संरचना की उपलब्धता को अनिवार्य किया जाएगा।
प्रसाद ने कहा दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों एवं पर्यटक स्थलों में सार्वजनिक वाई-फाई हॉट-स्पॉट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी स्कूलों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा और सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। इसके तहत करीब 2.5 लाख स्कूलों में ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी।