लखनऊ

सात सूत्री मांगों को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भाजपा को दिया समर्थन

लखनऊ : राष्ट्रीय शिया सूफ़ी संघ ने राजनाथ सिंह का समर्थन करने का किया एलान, प्रमुख शिया धर्मगुरु तथा दरगाहों के सज्जादा नाशीन मौजूद रहे। कल्बे जव्वाद ने कहा कि शिया धर्म गुरु जो मोहब्बत का पैग़ाम देते हैं, इनका समर्थन करते हैं, किसी और के लिए कोई एलान नहीं है दुआ—ए—राजनाथ सिंह के साथ है। शिया व सूफी समुदाय के लोगों का हमेशा भाजपा ने साथ दिया। इसी वजह से हमारे समुदाय लोगों को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। राष्ट्रीय शिया सूफी संघ के अंतर्गत हमारे धर्म गुरुओं ने बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि लोकसभा चुनाव लखनऊ में राजनाथ सिंह से बेहतर कोई प्रत्याशी नहीं है। इसलिए राष्ट्रीय शिया सूफी संघ (लखनऊ विंग) अपने पदाधिकारियों एवं जनपद तहसील, ब्लाक स्तर पर अपने समर्थकों के साथ भाजपा को समर्थन देता है। इस मौके पर कल्बे जव्वाद ने कहा कि भाजपा के रेगिस्तान में राजनाथ सिंह जैसी शख़्सियत है। राजनाथ जैसी शख़्सियत को कामयाब होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी पार्टी के हिमायती नहीं है नफ़रत फैलाने वाली को नकारे।
सात वादे पूरा करने की मांग
– लखनऊ हुसैनाबाद ट्रस्ट जो कि एक धार्मिक ट्रस्ट है उस में चल रहे भ्रष्टाचार को मध्य नजर रखते हुए उसकी एक उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा उसे शिया धर्मगुरु के हवाले किया जाए।
– बिहार राज्य की तर्ज पर लखनऊ में एक सूफी यूनिवर्सिटी का निर्माण हो जहां से अमन का पैगाम दुनिया में भेजा जाए।
– खुलेआम भ्रष्टाचार के चलते दोनों वक़्फ़ बोर्ड की सीबीआई जांच कराई जाये।
– आजादी की लड़ाई में जो शिया व सूफी समाज की भूमि अंग्रेजों ने नुजूल में दर्ज कर गसब कर ली थी, जांच उपरांत उन्हें हमारे हवाले किया जाए।
– चूँकि शिया व सूफी समाज के समाज का प्रतिनिधित्व प्रदेश सरकार में है ना ही केंद्र सरकार में जिसकी वजह से हमारे समाज के कई मुद्दे सरकार तक नहीं पहुंच पाते जिसकी वजह से हमें बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रदेश तथा केंद्र सरकार में हमें भागीदारी मिले।
– मोहर्रम के रुके हुए जुलूसों को फिर से उठाने का आदेश पारित किया जाए।
– वक़्फ़ बोर्ड 1992 एक्ट को बदला जाए।

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