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सावरकर को ‘गद्दार’ वाले ट्वीट्स पर, सोनिया और राहुल गांधी को नोटिस

► यह नोटिस सावरकर के रिश्‍तेदार विनायक दामोदर सावरकर की तरफ से भेजा गया है।
► नोटिस में कांग्रेस पार्टी और इसके अधिकारियों से मांग की गई है कि ‘वे नोटिस मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर इसी ट्विटर हैंडल के जरिए सावरकर और उनके परिवार से बिना शर्त माफी मांगे।’
Sawarkarनई दिल्‍ली. विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ ट्विटर पर की गई आपत्तिजनक टिप्‍पणी को लेकर कांग्रेस पार्टी, अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी को नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस सावरकर के रिश्‍तेदार विनायक दामोदर सावरकर की तरफ से भेजा गया है। ट्वीट के लिए किसी पार्टी को नोटिस भेजने का यह संभवत: पहला मामला है।
रंजीत सावरकर का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल से मार्च महीने में जो ट्वीट्स पोस्‍ट किए गए थे, उनसे वीर सावरकर का अपमान हुआ है। यह नोटिस 16 जून को भेजा गया है और ईटी ने इसकी एक कॉपी देखी है। सावरकर परिवार के वकील हितेश जैन ने कहा, ‘हां, हमने कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को मान‍हानि का नोटिस भेजा है। यह नोटिस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए उस ट्वीट से संबंधित है जिसमें सावरकर को गद्दार कहा गया था।’

दरअसल, इस नोटिस में @INC द्वारा किए गए उन ट्वीट्स का जिक्र है जो पांच, 22 और 23 मार्च को किए गए थे और जिनमें तस्‍वीरों, पोस्‍टर्स और बयानों के जरिए विनायक दामोदर सावरकर को ‘गद्दार’ बताया गया था।

भगत सिंह की पुण्‍यतिथि 23 मार्च के मौके पर किए गए एक ट्वीट में कहा गया था, ‘भगत सिंह ने ब्रिटिश राज से आजादी के लिए जंग छेड़ी, वीडी सावरकर ने रहम की भीख मांगी, ब्रिटिश राज में एक गुलाम बनने के लिए।’ नोटिस में कहा गया कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने ट्वीट के जरिए ‘एक बहादुर, हिम्‍मतवाले, ईमानदार और महान राष्‍ट्रवादी नेता का अपमान किया।’

नोटिस में कांग्रेस पार्टी और इसके अधिकारियों से मांग की गई है कि ‘वे नोटिस मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर इसी ट्विटर हैंडल के जरिए सावरकर और उनके परिवार से बिना शर्त माफी मांगे।’ ईटी ने जब कांग्रेस से ईमेल के जरिए इस मामले में प्रतिक्रिया मांगी तो वह मिल नहीं सकी।

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