
सीएमएस का छात्र ‘द रॉयल सोसाईटी ऑफ बायोलॉजी, यू.के.’ में फेलो चयनित
लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल के एक मेधावी छात्र तथा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में उप-डीन तथा सेन्टर फॉर एडवान्स रिसर्च (सी.एफ.ए.आर.) में प्रोफेसर के रुप में कार्यरत शैलेन्द्र कुमार सक्सेना का चयन यूनाइडेड किंगडम’ की द रायल सोसाईटी ऑफ बायोलॉजी (एफ.एस.आर.बी.) में फेलो के रुप में किया गया है। प्रो. सक्सेना को यह उपलब्धि बायोमेडिकल विज्ञान को व्यावहारिकता में लाने, उपयोग तथा इसके विस्तार में अभूतपूर्व योगदान हेतु प्रदान किया गया है। प्रो. सक्सेना ने सी.एम.एस. राजा बाजार शाखा में अपनी शिक्षा 1977 में प्रारम्भ की तथा आगे की पढ़ाई कक्षा 10 तक सी.एम.एस. महानगर शाखा में वर्ष 1988 तक पूरी की। सी.एम.एस. राजा बाजार शाखा की पूर्व प्रधानाचार्या एच.के. उप्पल तथा सी.एम.एस. महानगर शाखा की पूर्व प्रधानाचार्या सरला गोविल ने अत्यंत हर्षपूर्वक बताया कि शैलेन्द्र विद्यालय के अत्यंत प्रतिभावान छात्र रहे तथा वे पढ़ाई के साथ-साथ लगभग सभी अन्य गतिविधियों में भी में सक्रिय भागीदारी करते रहे। वे पढ़ाई में भी सदैव अव्वल रहे।
प्रो. शैलेन्द्र कुमार सक्सेना ने बायोमेडिकल के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त की है तथा उन्हें विभिन्न योगदान हेतु पूरे विश्व में ख्याति प्राप्त हुई है। उनकी प्राथमिक रूचि मनुष्य में वायरल इन्फेक्शन के दौरान पोषक प्रतिरोध का आणविक रचनातंत्र को समझकर इसके लिए नई भविष्यसूचक, रोगनिरोधी तथा उपचारात्मक व्यूहरचना तैयार करने में रही है। उन्होंने जापानी एन्सेफलाईटिस वायरस (जे.ई.वी.), ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिसएन्सी वायरस, पोलियो वायरस हिपेटाईटिस तथा स्वाईन लू वायरस के शोध में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो. सक्सेना का चयन एच.आई.वी./एड्स बचाव शोध हेतु मेरिट फेलोशिप में भी हुआ है जिसका वित्तीय भार फोगेटरी इन्टरनेशनल सेन्टर, नेशनल इन्स्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ, यू.एस.ए. ने वहन किया है। हाल ही में यूनाईटेड किंगडम की इन्टरनेशनल बायोग्राफिकल सेन्टर, कैम्ब्रिज ने उन्हें ‘‘विश्व के सर्वश्रेष्ठ 10’’ वैज्ञानिकों में शामिल किया है। टेकओपेन, क्रोएशिया में किंग कॉलेज, लंदन (यू.के.), यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोसिन, मेडिसन (यू.ए.एस.), टी.यू.डेट (नीदरलैण्ड), सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी (दक्षिण कोरिया) तथा टोकियो इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (जापान) के सहयोग से (किताबों की श्रृंखला) ‘‘इन्फेक्शस डिसीजेज’’ निकाल रहे हैं जिसमें प्रो. सक्सेना की इन्लूएन्जा भी शामिल है। प्रो. सक्सेना ने अपनी सराहनीय सफलता का श्रेय सी.एम.एस. में प्राप्त शिक्षा को दिया है जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हुआ है। अपनी उपलब्धियों के द्वारा उन्होंने न सिर्फ सी.एम.एस. को बल्कि पूरे लखनऊ शहर को गौरवान्ति किया है।