सुषमा ने महिला आरक्षण विधेयक पर समर्थन मांगा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि लंबित पड़े महिला आरक्षण विधेयक को 16वीं लोकसभा के दौरान पारित कराया जाना चाहिए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी बहस में हिस्सा लेते हुए कहा ‘‘कई पार्टियों ने महिला सशक्तिकरण की बात की है लेकिन हमने गुजरात को महिला मुख्यमंत्री देकर इस दिशा में थोड़ा प्रयास किया है। हमारे मंत्रिमंडल में 25 फीसदी महिलाएं हैं और लोकसभा अध्यक्ष भी महिला हैं।’’ संसद में महिला आरक्षण विधेयक पेश किए जाने पर सभी सदस्यों से समर्थन करने की अपील करने के बाद सुषमा ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेते हुए कहा ‘‘मैं आपसे अपील करती हूं कि जब हम महिला आरक्षण विधेयक पेश करें तो आप समर्थन दें जैसा कि आपके पेश करने पर हमने किया था।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने सोमवार को घोषणा की है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार राज्य विधानसभा व संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने के लिए प्रतिबद्ध है। अप्रैल-मई में हुए आम चुनाव से पहले 15वीं लोकसभा के आखिरी सत्र में भी महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो पाया। इस विधेयक के अंतर्गत संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने की बात है। स्वराज ने कहा कि कांग्रेस को काम न करने की वजह से लोकसभा चुनाव में बुरी हार मिली जबकि भाजपा द्वारा पेश की गई चीजें अच्छी होने की वजह से इसे सफलता मिली और यह लोगों के बीच सफल रही। उन्होंने कहा ‘‘हम इस बात को लेकर स्पष्ट हों कि हमारे द्वारा पेश की गई चीजें अच्छी होंगी। अगर ऐसा नहीं है तो बाजार पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। हमारी चीजों को जनता ने इसकी गुणवत्ता की वजह से पसंद किया है।’’ सुषमा ने कहा ‘‘आपने भी अपना प्रचार किया। लेकिन आपकी सरकार के खिलाफ नाराजगी थी। जनता ने नरेंद्र मोदी को विकल्प के रूप में स्वीकारा और उम्मीदवार गौण हो गए। लोगों ने जाति और समुदाय से ऊपर उठ कर मोदी को वोट दिया।’’