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स्कूल की बिल्डिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर सर्वोच्च अदालत ने रोक लगाने से किया इंकार

supreme-court_57347fd6be419एजेंसी/ मुंबई : वृहद मुंबई में मौजूद सेंट थॉमस स्कूल की बिल्डिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर सर्वोच्च अदालत ने रोक लगाने से इंकार कर दिया है। स्कूल ने याचिका दायर कर कोर्ट से मांग की थी कि मुंबई नगर निगम को बिल्डिंग गिराने से रोका जाए, ताकि स्कूल में पढ़ रहे 3100 बच्चे मुश्किल में न आए। नगर निगम इस स्कूल को इसलिए तोड़ रही है क्यों कि यह स्कूल अवैध तरीके से बनाया गई है और असुरक्षित भी है।

स्कूल की बिल्डिंग एक बड़े नाले से सटी हुई है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस ए एम खानविलकर की पीठ ने कहा कि हमे हैरानी इस बात की है कि आखिर बिना डिजाइन पास किए इस इमारत का निर्माण कैसे होने दिया गया। डिजाइन का पास होना तो एक आवश्यक शर्त है। स्कूल ने कोर्ट से 1 साल का समय मांगा था, ताकि इस दौरान वो स्कूल को कहीं और शिफ्ट कर सके।

लेकिन बेंच ने दो सप्ताह के लिए भी रोक लगाने से इंकार कर दिया। बेंच ने कहा कि स्कूल एक बारिश में ही ध्वस्त हो जाएगी। कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए स्कूल प्रशासन ने कहा कि 1988 से यह स्कूल चल रहा है, जिसमें समाज के कमजोर तबके के बच्चे पढ़ते है। आधी बिल्डिंग को निगम ने पहले ही गिरा दिया है।

कोर्ट ने स्कूल को आदेश दिया है कि वो तुरंत स्कूल को कहीं और शिफ्ट करें। स्कूल का कहना है कि नई बिल्डिंग अप्रूव्ड प्लान के अनुसार बन रही है, जिसमें अभी वक्त लगेगा। 8 जून 2016 को हाईकोर्ट ने स्कूल की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने भी कहा था कि स्कूल की इमारत गिराने की कार्रवाई पर रोक नहीं लगेगी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में स्कूल प्रशासन ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

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