
लखनऊ। राजधानी के आस-पास स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को हाई ब्रिड सब्जियों का उत्पादन करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हाई ब्रिड सब्जियों का उत्पादन करने के लिए किसानों के खेतों में अनुदान पर शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाने का प्रावधान है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने योजना के तहत अब तक ग्रामीण क्षेत्रों शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाने का कार्य शुरू हो गया था, जो कि चुनाव आचार संहिता के कारण रोक दिया गया था। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने फिर से योजना को कार्यरूप देने के लिए कमर कस ली है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ‘नेशनल वेजीटेबुल इनीशिएटिव इन पेरी अरबन योजना’ के तहत राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाया जा रहा है। केन्द्र सरकार ने इसके लिए उद्यान एवं प्रसंस्करण विभाग को करीब तीन करोड़ रुपये स्वीकृ त किये हैं। योजना का उद्देश्य राजधानी में लोगों को सस्ती तथा ताजी सब्जियां उपलब्ध कराना तथा किसानों की आर्थिक स्थित को सुधारना है। किसानों के खेतों मे शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस की सुविधा होने से किसान हाई ब्रिड सब्जियां उगा सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्रिड सब्जियां परम्परागत तरीके से उगायी गयी सब्जियों की अपेक्षा अधिक उत्पादन देती हैं। हाई ब्रिड सब्जियां बे मौसम भी उगायी जी सकती हैं। राजधानी में अभी हाई ब्रिड व बे मौसम सब्जियां अधिकतर बाहर से आ रही हैं। बाहर से आने के कारण सब्जियां महंगी होने के साथ ताजी नहीं रह पातीं।
लखनऊ के जिला उद्यान अधिकारी टीबी सिंह के अनुसार योजना के तहत बक्शी का तालाब, गोसाईगंज, काकोरी, चिनहट तथा इटौंजा क्षेत्र में गत वित्तीय वर्ष 17 किसानों के शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाया जा चुका है। कई अन्य किसानों के खेतों में भी शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाने का प्रावधान था। मगर लोकसभा चुनाव के कारण काम रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खेतों में शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाया जा चुका है, उससे आसपास के किसान काफी प्रभावित हैं। काफी संख्या में किसानों ने विभाग से अपने खेतों में शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाने के लिए सम्पर्क किया है। शीघ्र ही जरूरी कार्रवाई कर अन्य किसानों के खेतों में भी शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एक हजार वर्ग मीटर शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनवाने में 9 लाख 35 हजार रुपये खर्च होता है। जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान विभाग देता है। कोई भी किसान एक से दो हजार वर्ग मीटर तक शेड नेट हाउस तथा ग्रीन हाउस बनवा सकता है। बाजार में सभी मौसम में टमाटर, लौकी, शिमला मिर्च, फूल गोभी, खीरा, तरोई आदि सब्जियां शेड नेट हाउस के कारण ही बिक रही हैं। इसके अलावा चटकदार बड़ा टमाकर, शिमला मिर्च, हरा लम्बा कद्दू आदि हाई ब्रिड की देन हैं।