अद्धयात्म
होली 2018: इस तरह से पूजा कर अपने कमजोर ग्रहों को बनाएं शक्तिशाली, मिलेगा वरदान

होली का त्योहार आने वाला है। होलाष्टक भी लग चुके हैं। तो ऐसे में आप इन चीजों से पूजा कर अपने कमजोर ग्रहों को और भी मजबूत बना सकते हैं। जानिए कैसे?

आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि, पौराणिक मान्यता के अनुसार होली से आठ दिन तक शुभ कार्य नहीं होते हैं। क्योंकि होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी थी और वह खुद ही जलकर राख हो गई थी। इसलिए इसे सूतक भी कहा जाता है। यह योजना आठ दिन पहले से शुरू हुई थी इसलिए होलाष्टक लगते हैं।
बताया कि, होलाष्टक के आठ दिनों में भगवान के नृसिंह और भगवान विष्णु के स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। विष्णु सहस्त्रनाम और नृसिंह स्तोत्र का पाठ करने से आपके जीवन में खुशियां आएंगी। इन दिनों में अपने कमजोर ग्रहों को शक्तिशाली बाया जा सकता है।
कहते हैं कि इन दिनों में रंगों वाली वस्तुओं का प्रयोग करना शुभ होता है। जिससे जीवन में खुशियां बनी रहे और इससे आपके ग्रह ज्यादा प्रभावी बनते हैं। ऐसे में आप ग्रहों के अनुसार रंगों का चयन कर सकते हैं।
इसके लिए आपको भगवान सूर्य के पूजन में कुमकुम, मंगल के लिए चंदन एवं कुमकुम, बुध के लिए मेहंदी, चन्द्रमा के लिए अवीर गुलाल, पीला रंग अथवा हल्दी, शुक्र के लिए सफेद चंदन, बृहस्पति के लिए पीला केसर, शनि के लिए नीले और काले रंग, राहू और केतू के लिए काले तिलों से पूजा करनी चाहिए।
एक मार्च को सुबह 11.05 मिनट से 12.30 मिनट तक, दोपहर 1.10 मिनट से 1.56 मिनट तक और शाम शाम 4.50 मिनट से 6.15 मिनट तक होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त है। वहीं प्रदोष काल में शाम शाम 7.40 मिनट से 8.50 मिनट तक होलिका दहन किया जाएगा।