MP में भीषण ओलावृष्टि से 1000 हेक्टेयर गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों में मायूसी

भोपाल : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मूसलधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। ग्वालियर चंबल अंचल के एक दर्जन से अधिक गांवों में बर्फ जैसी ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। ओले गिरने के बाद जमीन पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे यह दृश्य कश्मीर की बर्फबारी जैसा नजर आ रहा था। इस भीषण ओलावृष्टि से लगभग 1000 हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है।
पिछले पांच दिनों से ग्वालियर चंबल अंचल में खराब मौसम और लगातार हो रही ओलावृष्टि ने किसानों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। ग्वालियर के डबरा और भितरवार के एक दर्जन गांवों में ओलावृष्टि के कारण किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह टूट गई है। खेत तालाब में बदल गए हैं और गेहूं के पौधों से पत्तियां गिर चुकी हैं, अब केवल डंठल ही नजर आ रहे हैं।
कुछ गांवों में ऐसे किसान हैं जिन्होंने 40 बीघा में गेहूं की फसल की थी, जबकि कुछ किसानों ने 100 बीघा में गेहूं उगाया था, लेकिन ओलावृष्टि ने सभी की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
किसानों के लिए यह प्राकृतिक कहर अत्यंत डरावना था। कछूआ गांव में बुजुर्गों ने बताया कि यह उनका जीवन का पहला अनुभव था जब इतनी भारी ओलावृष्टि देखी गई। उन्होंने कहा, “हमें यह देखकर डर लग रहा था और बच्चों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।”
ओलावृष्टि के प्रभाव से अवगत होने के बाद, जिले की कलेक्टर रुचिका चौहान ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम और रिवेन्यू स्टाफ को निर्देश दिया कि ओलावृष्टि से प्रभावित खेतों का सर्वेक्षण तत्काल शुरू किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जा सके। यह घटनाक्रम किसानों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है, और सरकार से उम्मीद जताई जा रही है कि वह उचित मुआवजा प्रदान करेगी।



