128 अमेरिकी प्रोडक्ट पर चीन ने लगाया 25 फीसदी आयात शुल्क

बीजिंग (एजेंसी) : ट्रेड वॉर के तहत चीन ने अहम् फैसला लिया था, चीन ने साेमवार को अमेरिका के 128 प्रोडक्ट पर 25 फीसदी तक आयात शुल्क लगा दिया। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका ने चीन के स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ लगाया है, यह कदम उस फैसले के जवाब में उठाया गया।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने 22 मार्च को चीन से आयात पर 3.25 लाख करोड़ का आयात शुल्क लगाया था। इसका चीन ने विरोध किया था। चीन मिनिस्टरी की वेबसाइट के मुताबिक, चीन ने अमेरिका से आने वाले फल और इसी तरह के 120 प्रोडक्ट पर 15 फीसदी का टैक्स लगाया। वहीं, पॉर्क और उस तरह के अन्य 8 प्रोडक्ट पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया गया। ये टैरिफ साेमवार से ही लागू कर दिए गए हैं।
कई देशों के विरोध करने के बावजूद अमेरिका ने स्टील के आयात पर 25 फीसदी और एल्युमीनियम के आयात पर 10 फीसदी टैक्स लगा दिया था। अमेरिका ने जो टैरिफ लगाया वह विश्व व्यापार संगठन के नियमों के खिलाफ है। इसके बावजूद टैरिफ 23 मार्च से लागू हो गया। चीन बड़े पैमाने पर अमेरिका को स्टील और एल्युमीनियम प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करता है। चीन ने ट्रम्प प्रशासन के फैसले के वक्त काफी विरोध किया था और कहा था कि वह इसका जवाब देगा। उसने 128 अमेरिकी प्रोडक्ट की लिस्ट भी जारी की थी। हालांकि, चीनी सरकार की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया है कि चीन बहुपक्षीय व्यापार तंत्र को सपोर्ट करता है। अमेरिकी इम्पोर्ट पर टैक्स छूट को निलंबित करने का फैसला चीन के हितों की सुरक्षा के लिए किया गया। गौरतलब है कि हर साल अमेरिका से चीन में करीब 11.18 लाख करोड़ रुपए आयात होता है। मीडिया रिपोर्ट्स में मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने चीन को अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी करने पर इम्पोर्ट ड्यूटी लगाकर सजा दी। अमेरिका पिछले सात महीनों से बौद्धिक संपदा की चोरी पर नजर बनाए था।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि बौद्धिक संपदा की चोरी को हमें हर हाल में रोकना होगा। यह हमें बेहद मजबूत, और सबसे संपन्न देश बनाने में मदद करेगा। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में जारी तनातनी से ट्रेड वार की स्थिति बन गई है। इसका शेयर बाजार पर असर देखा जाने लगा है। वहीं, इसमें अगर अन्य देश शामिल होते हैं तो एक बड़ी कारोबारी जंग की शुरुआत हो सकती है। इससे देशों के बीच कारोबारी संबंध बिगड़ने लगेंगे। डोनाल्ट ट्रम्प ने इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने के दौरान एलान किया था कि हम जंग के लिए तैयार हैं।