
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार और किसानों के बीच लगभग दो घंटे तक चली बैठक में 13 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किसानों की सभी मांगों पर विचार करने और समाधान का आश्वासन दिया है। बैठक में किसानों ने केंद्र सरकार के कृषि ड्राफ्ट में हरियाणा में प्राइवेट मंडी बनाए जाने का कड़ा विरोध जताया। इस मुद्दे पर किसान यूनियन अपने सुझाव 10 जनवरी तक केंद्र सरकार को सौंपेगी। साथ ही, किसानों ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया कि वह केंद्र के साथ बातचीत कर लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन का समाधान निकाले।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी कानून की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की घोषणाओं के बाद कानून बनाने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, किसानों ने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने, किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट के आधार पर बीमा कराने और मनरेगा योजना को कृषि से जोड़ने की मांग की। बैठक में किसानों ने बकाया मुआवजा जारी करने, सोनीपत गन्ना मिल का भुगतान तुरंत दिलाने और फसल उठान में देरी की स्थिति में आरती को फसल उठान का अधिकार देने की भी बात उठाई। सरकार ने इन सभी मुद्दों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।